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सोरों तीर्थस्थल बनाओ आंदोलन- आमरण अनशन जारी, संतों और शिवसेना ने दिया समर्थन

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कासगंज सोरों में आमरण अनशन बैठे आंदोलनकारियों से मिलने पहुंचे वराह मंदिर के महंत संत विदेहानंद ? - फोटो : KASGANJ
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सोरों(कासगंज)। तीर्थनगरी में तीर्थस्थल घोषित कराने की मांग में बैठे अनशनकारियों का तीसरे दिन भी स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। परीक्षण में उनका आधा किलो वजन कम निकाला और रक्तचाप भी बढ़ा मिला। अखंड आर्यावर्त संघ के बैनरतले चल रहे अनशन को तीसरे दिन संतों और शिवसेना का भी समर्थन मिला। मिल रहे समर्थन को देखते हुए अनशन पर बैठे लोगों के हौसले बुलंद हैं।
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सोरों को तीर्थस्थल घोषित कर विकास कराने की मांग काफी समय से चल रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जुलाई 2018 में तीर्थस्थल के रूप में यहां के विकास की घोषणा कर चुके हैं। घोषणा के बाद डीपीआर बनाया गया लेकिन कोई विकास का कार्य नहीं हुआ। वराह मंदिर के महंत संत विदेहानंद गिरी ने अनशन स्थल पर पहुंचकर कहा कि सोरों सूकर क्षेत्र सृष्टि के निर्माण के बाद का प्रथम तीर्थस्थल है। अयोध्या, वृंदावन तो इसके काफी बाद के तीर्थ हैं। सरकार बिना भेदभाव के तीर्थों का सम्मान करे और इस आदि तीर्थ को गरिमा के अनुरूप सम्मान दें। तीर्थनगरी के नागालैंड और सोहम आश्रम के संत भी अनशन स्थल पर मौजूद रहे।
अनशन पर बैठे अखंड आर्यावर्त संघ के अध्यक्ष भूपेश शर्मा, शिक्षक अशोक कुमार पांडे एवं समाजसेवी अनीता उपाध्याय ने कहा कि अब चाहें जो परिणाम हों वे अपनी मांग पर डटे रहेंगे। जब तक सोरों को तीर्थस्थल घोषित नहीं किया जाएगा तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं शिवसेना के जिलाध्यक्ष अशोक गौड, दुलार संस्था के अध्यक्ष मनोज शर्मा, अश्वनी चतुर्वेदी, कामिनी गुप्ता ने आंदोलन का समर्थन किया। इस दौरान गंगा सभा के अध्यक्ष कैलाश कटारे, मोहित तिवारी, गौरव रामलोटा, अंशु दुबे, गौरीश बाबू, प्रमोद उपाध्याय, केशव मिश्रा, अंजुम राहत आदि मौजूद रहे।
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