तेंदुओं की खाल तस्करी के मामले में एसटीएसएफ ने जांच तेज कर दी है। मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी के साथ वाइल्डलाइफ एसओएस के अधिकारी के खिलाफ भी लुक आउट नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
तेंदुओं के शिकार कर खाल की तस्करी के मामले में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। अभी तक तीन राज्यों के 15 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। जांच में वाइल्डलाइफ एसओएस के एक अधिकारी के सहयोग नहीं करने पर लुक आउट नोटिस जारी करने की तैयारी है।
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बीती 23 जुलाई को वन विभाग और पुलिस की टीम ने तेंदुओं की खाल की तस्करी करने वाले गैंग को पकड़ा था। मौके पर चार शिकारियों को तेंदुओं की 10 खाल के साथ गिरफ्तार किया। इस मामले में जांच तेजी की जा रही है। इसमें हरियाणा, मध्यप्रदेश और दिल्ली से 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले में एसटीएसएफ ने मुरैना से एक और आरोपी सुखदेव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले की जांच में वाइल्डलाइफ एसओएस के अधिकारी भी शामिल मिले। इसमें दो की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक और अधिकारी को दो बार नोटिस दिया जा चुका है। अंतिम बार 24 अगस्त को नोटिस दिया, फिर भी बयान दर्ज कराने नहीं आए। ऐसे में टीएसएफ इनको लुक आउट नोटिस देगी, इसके लिए प्रक्रिया की जा रही है। डीएफओ राजेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच एसटीएसएफ कर रही है। इसमें वन विभाग भी सहयोग कर रहा है।
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164 तेंदुओं से खाल का किया जाएगा मिलान
तस्करी में बरामद हुई खाल के स्पॉट पैटर्न का मिलान भारतीय वन्यजीव संस्थान के रिकॉर्ड में दर्ज 164 तेंदुओं से कराया जाएगा। इससे पता लगाने की कोशिश होगी कि बरामद खाल किन तेंदुओं की हैं। इनमें से आठ खालों का संबंध श्योपुर-कूनो शिवपुरी लैंडस्केप से होने की बात कही गई है।