आगरा। बाजार में खरीदारी करने आईं सिपाही अनीता, अपनी बेटी और मां के साथ मलबे में दब गई थीं। बेटी के साथ उन्हें लोगों ने बाहर निकाल लिया था मगर उनकी मां का पता नहीं चला। उनके सिर में चोट लगी थी। मां के बारे में जानकारी नहीं मिलने पर वो फूट-फूटकर रोने लगीं। कहने लगीं कि किसी तरह मेरी मां को बचा लो।
सैंया के तेहरा स्थित नगला तेजा निवासी केरन सिंह किसान हैं। घर में उनकी पत्नी गंगा देवी उर्फ संतो देवी के अलावा तीन बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा राजकुमार सिपाही है। झांसी में तैनात हैं। दो बेटे पिता के साथ ही खेती करते हैं। उनका टेंट का भी कारोबार है। बेटी अनीता भी सिपाही हैं। वह लखनऊ में तैनात हैं। उनकी शादी लोको पायलट सोनपाल से हुई है। अनीता छुट्टी पर घर आई थीं। उन्हें बृहस्पतिवार को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। ड्यूटी पर जाने से पहले खरीदारी करना चाहती थीं। इसलिए सुभाष बाजार आई थीं। हादसे के बाद मां के नहीं मिलने पर अनीता बदहवास हो गईं। रोने लगीं। आसपास की दुकानों पर काम करने वाली महिला कर्मचारी आ गईं। उन्होंने अनीता और बिलखती मासूम बेटी को किसी तरह संभाला। बाद में पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचा दिया।