वार्ड 10 के परिणाम को लेकर पिछले चार दिन से गर्माया माहौल तो ठंडा पड़ गया लेकिन सियासत गर्मा गई है। सड़क पर मोर्चा खोलने की बजाय जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव और राजपाल दोनों ही लखनऊ में अपनी पैरोगारी में जुट गए हैं। राजधानी में बैठे अपने नेताओं के भी संपर्क में हैं। हालांकि गणेश यादव के समर्थकों में अभी भी उबाल है। स्थिति तनावपूर्ण होने के चलते कुंआ खेड़ा और बगदा के आसपास पुलिस बल मुस्तैद है।
दो दिन बवाल के बाद शुक्रवार को स्थिति सामान्य रही। गणेश समर्थकों में उबाल तो है लेकिन वह सड़क पर नहीं उतरे। इधर, जीत के बाद राजपाल के कार्यालय पर उत्साह का माहौल बना हुआ है। कार्यकर्ता आने वाले दिनों में राजनैतिक समीकरण बनाने के लिए गुणाभाग में जुटे हैं। सूत्रों की मानें तो राजपाल अपनी पत्नी की जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कराने की तैयारी में हैं। वहीं, गणेश यादव के निवास पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
कागज जुटा रहे गणेश यादव
गणेश यादव का कहना है कि वह इस पूरे प्रकरण से संबंधित कागज एकत्रित कर रहे हैं। ताकि सपा मुखिया के सामने इन्हें रखा जा सके। हालांकि शुक्रवार को व्यक्तिगत कार्यों में व्यस्त रहने के कारण वह इस मामले से दूर ही रहे।
लखनऊ में वार्ड 10 चर्चा में
जिला पंचायत सदस्य के चुनाव को लेकर वार्ड 10 चर्चा में आ गया है। लखनऊ के गलियारों में प्रदेश के अन्य किसी वार्ड पर चर्चा हो रही है या नहीं मगर, बरौली अहीर के इस वार्ड पर समाजवादी पार्टी के अधिकांश नेताओं की निगाहें टिक गई हैं। दरअसल, गणेश यादव और राजपाल दोनों की ही लखनऊ तक अच्छी पकड़ है।