निमोनिया से पीड़ित मासूम ने की मौत
- जिला अस्पताल की ओपीडी में 88 बच्चों की हुई जांच, पांच किए रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। जिले के बच्चे लगातार निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। निमोनिया से मरने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे एक मासूम की मौत हो गई। वहीं, पांच मरीजों को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया। ओपीडी में 88 मरीजों की जांच की गई।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ चली है। जिला अस्पताल की ओपीडी में औसतन 80 से 100 बच्चे प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। बुधवार को भी सुबह से ही जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य के पास 88 बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। इनमें निमोनिया और सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या अधिक देखी गई।
बेवर थाना क्षेत्र के गांव गढि़या निवासी आरव (डेढ़ माह) पुत्र प्रेमवीर को पिछले कुछ दिनों से सर्दी, जुकाम की दिक्कत थी। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
7 दिन में तीन बच्चों की हुई मौत
निमोनिया से पीड़ित तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। निमोनिया की चपेट में एक माह से लेकर 10 वर्ष तक के बच्चे अधिक आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग निमोनिया से बचाव के लिए लगातार लोगों को जागरूक भी कर रहा है।
निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
- 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में मानसिक भ्रम की स्थिति
- खांसी, जो कफ पैदा कर सकती है
- थकान महसूस होना
- बुखार, पसीना और कंपकंपी ठंड लगना
- सामान्य शरीर के तापमान से कम
- मतली, उल्टी या दस्त
- सांस लेने में परेशानी
बचाव के उपाय
- बच्चों को सुबह शाम गर्म कपड़े पहनाएं
- बच्चों को सुबह शाम नंगे पैर न चलने दें
- निमोनिया और फ्लू से बचाव के लिए टीके लगवाएं
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें
- बुजुर्ग धूम्रपान से परहेज करें
मौसम में परिवर्तन के कारण निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। यह संख्या कई गुना और भी बढ़ सकती है। इसलिए जागरूकता जरूरी है। बच्चों को निमोनिया से बचाव के लिए उनका सर्दी से बचाव रखें।
- डॉ. डीके शाक्य, बालरोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल