आगरा। इंडियन प्रीमियर लीग के जबरदस्त क्रेज के बीच क्रिकेट कमेंट्री अब तेजी से उभरता हुआ कॅरिअर विकल्प बनता जा रहा है। आगरा इस क्षेत्र में लंबे समय से अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है, जहां कमेंट्री केवल शौक नहीं बल्कि एक परंपरा और पेशा दोनों बन चुकी है।
आगरा में क्रिकेट कमेंट्री की नींव पूर्व अंतरराष्ट्रीय कमेंटेटर डॉ. श्यामबीर सिंह चौहान ने रखी थी। उनके प्रयासों से शुरू हुई यह परंपरा धीरे-धीरे मजबूत होती गई। इसे आगे बढ़ाने में नरेंद्र शर्मा का योगदान भी अहम रहा है। 1983 से लगातार कमेंट्री कर रहे नरेंद्र शर्मा ने रणजी ट्रॉफी से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों तक कमेंट्री में आगरा को अलग पहचान दिलाई। इस सफर में कमलजीत सिंह (अंग्रेजी कमेंट्री), प्रह्लाद जोशी और विनोद जूनियर जैसे नामों ने भी इस विरासत को आगे बढ़ाया। आगरा के युवा सोनवेंद्र सिंह, मोहम्मद अखलाख, विश्वास विजय और मोहम्मद साहिल अब कमेंट्री में अपनी पहचान बना रहे हैं और लोकल मैचों से लेकर बड़े मंचों तक अपनी आवाज पहुंचा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव से बढ़ा मान
आगरा की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पूनम यादव और प्रीति डिमरी ने कमेंट्री बॉक्स में पहुंचकर पहचान को नई ऊंचाई दी। महिला प्रीमियर लीग में दीप्ति शर्मा मैदान पर बल्ले और गेंदबाजी का शानदार प्रदर्शन कर रही थीं, उसी मैच में पूनम यादव कमेंट्री कर रही थीं। आगरा की दोनों बेटियों की प्रतिभा सभी ने देखी। वहीं वरिष्ठ कमेंटेटर नरेंद्र शर्मा का कहना है कि कमेंट्री सिर्फ बोलना नहीं, बल्कि खेल को महसूस कर उसे दर्शकों तक पहुंचाने की कला है। आईपीएल ने इस क्षेत्र को नया मंच दिया है। आगरा में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही दिशा और अवसर की है।