डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के केएमआई, समाज विज्ञान संस्थान और गृह विज्ञान के साथ अन्य संस्थानों के अध्यादेश (नियमावली) में संशोधन के लिए बनाई गई कमेटी पर पूर्व निदेशकों ने सवाल खड़े किए हैं। संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने वाली कमेटी पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है।
नियमावली में संशोधन के लिए बनाई गई कमेटी में प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. अजय तनेजा और प्रो. अचला गक्खर को रखा गया है। दाऊ दयाल संस्थान, सेठ पदमचंद जैन प्रबंध संस्थान, इंजीनियरिंग संस्थान, आईटीएचएम और केएमआई के पूर्व निदेशकों क्रमश: प्रो. शरदचंद्र उपाध्याय, प्रो. ब्रजेश रावत, प्रो. वीके सारस्वत, प्रो. लवकुश मिश्रा और प्रो. प्रदीप श्रीधर की ओर से कुलपति को संयुक्त रूप से पत्र लिखा गया है। इनका कहना है कि प्रो. यूसी शर्मा वर्तमान में केएमआई के निदेशक हैं। इस तरह से समिति की ओर से तैयार किए जाने वाले प्रस्ताव से वह भी प्रभावित होंगे।
वहीं, प्रो. अजय तनेजा की ओर से जो प्रस्ताव मूल रूप से निदेशकों के पद पर चक्रानुक्रम व्यवस्था लागू करने के लिए दिया गया था, उस पर कार्य परिषद की बैठक में सदस्यों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी। साथ ही कार्यवृत्त में प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा को जो वक्तव्य दिया गया है ‘सभी निदेशकों से चर्चा के बाद प्रस्ताव को कार्य परिषद में रखा गया था’ को गलत और भ्रम पैदा करने वाला बताया गया है। उनको भी कमेटी में न रखे जाने की मांग की गई है।
पत्र में यह कहा गया है कि कमेटी के प्रस्ताव से प्रो. अचला गक्खड़ भी प्रभावित होंगी। कमेटी में निष्पक्ष लोगों को रखे जाने की मांग गई है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि पूर्व निदेशकों के पत्र के संबंध में कुलपति के साथ चर्चा की जाएगी।
निदेशक बदले जाने का आदेश जारी नहीं
विश्वविद्यालय में 24 नवंबर 2022 को हुई कार्य परिषद की बैठक में आवासीय परिसर के संस्थानों में निदेशकों की तैनाती की पूर्व व्यवस्था बनाए रखने का निर्णय लिया गया था। बैठक का कार्यवृत्त भी जारी हो चुका है। अभी तक निदेशकों को बदले जाने का आदेश जारी नहीं किया गया है।