फोटो 43- एंबुलेंस में बच्चे को लाइफ सपोर्ट देता ईएमटी। स्रोत स्वास्थ्य विभाग
मैनपुरी। सरकारी एंबुलेंस सेवा मरीजों के लिए बरदान साबित हो रही है। सोमवार को एक नवजात की एंबुलेंस से अस्पताल ले जाते समय हालत बिगड़ गई। रास्ते में ईएमटी ने अपनी कार्य कुशलता का परिचय देते हुए उसे उपचार दिया और उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।
मोहल्ला वंशीगोहरा निवासी अखिलेश की पत्नी माधुरी ने जिला अस्पताल में शिशु को जन्म दिया। जन्म के कुछ ही समय बाद बच्चे को अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी। स्थिति गंभीर होती देख डॉक्टरों ने बच्चे को पीजीआई सैफई रेफर कर दिया। सैफई ले जाते समय रास्ते में बच्चे की हालत बिगड़ गई। एंबुलेंस में तैनात ईएमटी विमलेश कुमार और पायलट उत्कर्ष पाठक ने बच्चे को ऑक्सीजन सपोर्ट पर लिया। बच्चे की स्थिति को देखते हुए ईएमटी विमलेश ने लखनऊ ईआरसीपी के डॉ. राकेश से टेली-कम्युनिकेशन के माध्यम से सलाह ली और उनके निर्देशानुसार बच्चे के मुंह से सीक्रेशन को सक्शन किया। ऑक्सीजन की मात्रा को नियंत्रित किया। उनकी कुशलता से बच्चे की सांस सामान्य हो गई और उसे पीजीआई सैफई, इटावा में सुरक्षित भर्ती कराया गया।
जनपद में 102 एबुलेंस सेवा की 27 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं व दो वर्ष तक के बच्चों को घर से अस्पताल ले जाने व अस्पताल से घर ले जाने के लिए निशुल्क सेवाएं प्रदान कर रही हैं। वहीं, 108 एंबुलेंस सेवा की 24 एंबुलेंस किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाती हैं। सभी एंबुलेंस कर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे कि वह मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने में अहम भूमिका निभा सकें। - डॉ. आरसी गुप्ता सीएमओ