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खतरा: नाम की एंबुलेंस, ऑक्सीजन सिलिंडर और इमरजेंसी किट तक नहीं...ऐसे हो रहा जान से खिलवाड़

Mon, 07 Oct 2024 03:14 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में मरीजों के इलाज के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। बिना मानकों के एंबुलेंस मरीजों को अस्पताल पहुंचा रही हैं। एंबुलेंस में सुविधाएं नहीं हैं। आरटीओ-स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई भी नहीं कर रहे हैं।
 
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एंबुलेंस - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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आगरा में चिकित्सकीय सुविधाएं बदहाल हैं। झोलाछाप मरीजों की जान ले रहे हैं। एंबुलेंस संचालक भी मरीजों की जान से खिलवाड़ में पीछे नहीं। बिना मानक और खटारा एंबुलेंस में मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग के अफसर इन पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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शहर में खटारा हाल बिना फिटनेस के एंबुलेंस चल रही हैं। इनमें ऑक्सीजन-अग्निशमन सिलिंडर, इमरजेंसी किट, अंबु बैग तक नहीं हैं। सीटें भी फटी हुई हैं। लाइट, इंडीकेटर भी टूटे हुए हैं। ऐसे ही हाल में मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। इससे बीच रास्ते हालत बिगड़ने पर जान का जोखिम बढ़ गया है। सबसे ज्यादा खटारा हाल एंबुलेंस रामबाग, दिल्ली गेट, सिकंदरा-बोदला, एसएन इमरजेंसी के गेट, पोस्टमार्टम हाउस, पंचकुइयां समेत अन्य क्षेत्र में अधिक संचालित हैं। इनकी जांच करने के लिए आरटीओ-स्वास्थ्य विभाग की टीम अभियान भी नहीं चला रही है।

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चिकित्सकीय मानकों की करेंगे जांच
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आरटीओ-स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस में चिकित्सकीय मानकों की जांच करेगी। आरटीओ के साथ समन्वय बनाकर जल्द जांच शुरू कराते हैं।
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खटारा एंबुलेंस पर करेंगे कार्रवाई
- आरटीओ (प्रवर्तन) एके सिंह ने बताया कि अनफिट एंबुलेंस के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। एंबुलेंस की जांच के लिए जल्द टीम बनाकर अभियान चलाएंगे। कार्रवाई भी करेंगे ।

ये मानक हैं जरूरी:
- इमरजेंसी किट में 20 से अधिक जरूरी दवाएं।

- फिटनेस और आरटीओ के यहां पंजीकरण हो।
- अग्निशमन सिलिंडर संचालित हाल में हो।

- ऑक्सीजन सिलिंडर भरा हुआ हो, अंबू बैग हो।
- स्ट्रेचर हो, सीटें दुरुस्त हों। बीपी मापक भी हो।
 
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