29एमएनपी-38-जिला अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते एंबुलेंस चालक
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मैनपुरी। समय से मानदेय न मिलने और सेवा प्रदाता कंपनी के अधिकारियों द्वारा दबाव बनाने पर जिले के एंबुलेंस चालकों ने दोपहर से 102 एंबुलेंस सेवा बंद कर दी। चालकों और ईएमटी ने प्रदर्शन करने के साथ ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। चेतावनी दी गई कि यदि मंगलवार की सुबह तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 108 के साथ जीवन रक्षक एंबुलेंस को भी बंद कर दिया जाएगा।
जिले के एंबुलेंस चालकों ने सोमवार की दोपहर 12 बजे के बाद जिले में 102 एंबुलेंस सेवा को बंद कर दिया। मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सेवा प्रदाता कंपनी जीवीकेईएमआरआई के सहयोग से 102 और 108 के साथ ही जीवन रक्षक प्रणाली एंबुलेंसों का संचालन किया जा रहा है। सेवा प्रदाता कंपनी जनवरी से ईएमटी और पायलटों के मानदेय से लगातार कटौती कर रही है। कंपनी सरकार से फर्जी बिलिंग बनाकर पैसे ठग रही है। विरोध करने पर कंपनी अब तक प्रदेश में 16 सौ लोगों को बाहर कर चुकी है। पिछले छह दिन से उत्तर प्रदेश यूनियन लखनऊ हेड ऑफिस पर भूख हड़ताल पर बैठी है, लेकिन सरकार की तरफ से और सेवा प्रदाता कंपनी की तरफ से कोई भी अधिकारी मिलने नहीं आया फिर मजबूरन उत्तर प्रदेश यूनियन को 102 को हड़ताल पर आना पड़ा। प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह, जिला उपाध्यक्ष नवीन पाठक, आरिफ पठान, पवन यादव आदि शामिल रहे।
102 की 25 गाड़ियां खड़ी कर दी गई हैं। इमरजेंसी सेवा के लिए दो गाड़ियां चलाई जा रही हैं। पायलट और ईएमटी ने चेतावनी दी है कि मंगलवार तक उनकी मांगें नहीं सुनी गईं तो सारी एंबुलेंस बंद कर दी जाएंगीं। जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
संदीप कुमार, जिला समन्वयक एंबुलेंस सेवा मैनपुरी
घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ा
बरनाहल। तेरह दिन पूर्व कस्बा निवासी रजनेश कुमार बाइक से सोथरा रोड पर जा रहे थे। तभी सामने से आ रहे नगला भाई खां निवासी अफजल की बाइक से भिड़ंत हो गई थी। इसमें रजनेश और अफजल दोनों ही लोग घायल हो गए थे। दोनों का इलाज सैफई मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। दोनों ही घायलों के परिजनों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था। सोमवार को घायल रजनेश ने सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।