आगरा के क्रिकेट कोच केके शर्मा से ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रहे पाकिस्तान के नौ वर्षीय अरहम की कहानी सरहद पार सोशल मीडिया पर पहुंच गई है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर की मूल कटिंग के साथ उसका अनुवाद भी पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है।
अमर उजाला में बुधवार को प्रकाशित खबर पाकिस्तान में छा गई है। आगरा के क्रिकेट गुरु से ऑनलाइन क्रिकेट की बारीकियां सीख रहे पाकिस्तान के नौ वर्षीय अरहम की कहानी अब सरहद पार सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। पाकिस्तान में सोशल मीडिया यूजर्स इस खबर को न केवल साझा कर रहे हैं, बल्कि अमर उजाला में प्रकाशित खबर की मूल कटिंग के साथ उसका अनुवाद भी पोस्ट किया जा रहा है। इस तरह ताजनगरी के क्रिकेट गुरु और पाकिस्तान के नन्हे क्रिकेटर के बीच ऑनलाइन जुड़ी क्रिकेट की कहानी अब वहां क्रिकेट प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स तक पहुंच रही है।
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दरअसल, पाकिस्तान का नौ वर्षीय अरहम क्रिकेट में अपना हुनर निखारने के लिए आगरा के कोच से ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रहा है। दोनों के बीच स्क्रीन के जरिये होने वाले अभ्यास सत्र में बल्लेबाजी की तकनीक से लेकर क्रिकेट की बारीकियों तक पर काम किया जाता है। अरहम के क्रिकेट सीखने के जुनून और आगरा के कोच से उसके जुड़ाव की यही कहानी बुधवार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
अमर उजाला की खबर के पाकिस्तान के सोशल मीडिया तक पहुंचने का अंदाज भी खास है। मूल खबर की कटिंग को पोस्ट में लगाया जा रहा है और उसके साथ चैटजीपीटी से किया गया अनुवाद दिया जा रहा है। यानी एक ही पोस्ट में पाठकों को अमर उजाला की प्रकाशित खबर और उसका अनूदित रूप दोनों दिखाई दे रहे हैं। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर प्रसारित होना भी ताजनगरी के लिए खास स्थानीय कनेक्ट बन गया है।
अरहम की ट्रेनिंग पर संदेश : क्रिकेट का बाप कौन
आगरा। पाकिस्तान के बहावलनगर के नन्हे क्रिकेटर अरहम को आगरा के क्रिकेट गुरु केके शर्मा ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रहे हैं, जिससे देशभर में उत्साह है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद केके शर्मा को कई संदेश मिले हैं। एक क्रिकेट प्रेमी ने लिखा, पाकिस्तान को दिखा दो कि क्रिकेट में कौन है बाप। अन्य संदेशों में कहा गया कि अरहम के सफल होने पर भारत और केके शर्मा का नाम रोशन होगा। एक संदेश में यह भी लिखा गया, एक पाकिस्तानी को तैयार करो, आगे मजा आएगा। संदेश भेजने वालों ने पाकिस्तान के जूनियर क्रिकेट ढांचे पर भी सवाल उठाए हैं।