पुलिस की पाठशाल में मौजूद छात्राएं
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एसपी ने छात्राओं को बताया कि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या है तो वे 100 डायल की मदद भी ले सकती हैं। 100 डायल शहरी क्षेत्र में 10 से 12 मिनट में तथा ग्रामीण क्षेत्र में 15 से 20 मिनट में उनकी मदद के लिए पहुंच जाएगी। एसपी ने घरेलू हिंसा की शिकार बालिकाओं व महिलाओं के लिए 181 हेल्प लाइन की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यदि घर में ही बालिकाओं को किसी प्रकार से परेशान किया जा रहा है तो वे इसकी शिकायत 181 पर कर सकती हैं। पुलिस की पाठशाला में एसपी ने छात्राओं को मोबाइल और फेसबुक से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपनी व्यक्तिगत चीजों को किसी के साथ शेयर न करें। इससे बड़े खतरे हो सकते हैं।
पुलिस की पाठशाला में एसपी ने छात्राओं को बताया कि यूपी 100 पुलिस ने एक ऐसा एप जारी किया है, जिसे अपने मोबाइल में डाउनलोड करने से खतरा आने पर मात्र एक बटन दबाना होगा। इस बटन के दबते ही उनके पांच परिजनों को उनके संकट में होने की जानकारी मिल जाएगी और कोई न कोई उनकी मदद के लिए मौके पर पहुंच जाएगा।
पाठशाला में मौजूद महिला थानाध्यक्ष नीता वीर सिंह ने बताया कि छात्राएं कोचिंग जाती हैं। कोचिंग जाते समय यदि कोई रास्ते में उनसे छींटाकशी या फिर परेशान करता है तो उसकी जानकारी महिला पुलिस को दें। महिला पुलिस मनचलों को सबक सिखाएगी। छात्राओं ने उनसे कुछ सवाल भी किए, जिसका महिला थानाध्यक्ष ने जवाब दिया।
स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ किरन सौजिया ने बताया कि अमर उजाला फाउंडेशन का यह कार्यक्रम बहुत ही प्रशंसनीय है। एक तरफ तो छात्राओं को अपनी सुरक्षा से संबंधित कानूनी जानकारी प्राप्त हुई। दूसरे अधिकारियों से बात करने से उनका मनोबल भी बढ़ रहा है। इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेंगे।
छात्राओं को मिला बल
छात्रा आकांक्षा ने कहा कि हमें अब किसी से डरने की जरूरत नहीं है। हमारे पास इतनी जानकारियां हैं कि एक कॉल पर ही पुलिस हमारी मदद के लिए उपस्थित होगी। महिला हेल्प लाइन नंबर हमारी सुरक्षा के लिए सार्थक साबित हो रहा है। छात्राओं का जीवन सुखमय हो रहा है।
छात्रा निशा ने कहा कि 100 डायल पुलिस ने एप जारी कर छात्राओं को और अधिक बल दिया है। जरा भी दिक्कत होने पर छात्राएं इस एप की मदद से अपने परिजनों को मैसेज कर सकती हैं। इससे उनका जीवन सुरक्षित होगा। अब किसी बात का डर नहीं है। वे बिना किसी भय के स्कूल जा सकती हैं।