दरअसल, अमर उजाला ने पटाखा रहित दिवाली के लिए मुहिम शुरू की है ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध ’। बच्चे इस मुहिम में आगे आए हैं। इन्होंने संकल्प लिया है कि इस दिवाली पटाखे नहीं चलाएंगे।
पापा, प्लीज! इस दिवाली पर पटाखे मत लाना, क्योंकि हवा पहले ही खराब हो चुकी है, जहरीली गैसें बढ़ रही हैं और ऑक्सीजन घट रही है... यह अपील है पर्यावरण के प्रति सजग बच्चों की। इन्होंने अपील के वीडियो बनाकर दोस्तों से भी साझा किए हैं।
विज्ञापन
दरअसल, अमर उजाला ने पटाखा रहित दिवाली के लिए मुहिम शुरू की है ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध ’। बच्चे इस मुहिम में आगे आए हैं। इन्होंने संकल्प लिया है कि इस दिवाली पटाखे नहीं चलाएंगे।
पक्षियों की हालत खराब कर देते हैं पटाखे
मैंने दिवाली पर देखा कि जब पटाखे चलते हैं तो कुत्ते, बिल्ली, बंदर सहम जाते हैं, कितने ही पक्षी मर जाते हैं। मैं पटाखे नहीं चलाऊंगी न ही मेरे परिवार में कोई और चलाएगा। पापा से कहा कि पटाखे लाना ही मत। दिवाली खुशियां बांटने के लिए है, हवा में जहर घोलने के लिए नहीं। - रागिनी उपाध्याय , न्यू लोहिया नगर, बल्केश्वर
परिवार में कोई आतिशबाजी नहीं करेगा
हमारे परिवार का कोई सदस्य इस बार आतिशबाजी नहीं करेगा। मैंने पिछली बार अमर उजाला में दिवाली के अगले दिन यह खबर पढ़ी थी कि एसएन मेडिकल कॉलेज में सांस रोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी, उनकी हालत बिगड़ गई थी, कई को अस्थमा का अटैक भी पड़ा था। हम ऐसे किसी की जिंदगी कैसे खतरे में डाल सकते हैं। - वंश नोतनानी, अर्जुन नगर
ताजनगरी से पूरे देश में जाए संदेश
ताजनगरी के लोगों को सामूहिक रूप से यह संकल्प लेना चाहिए कि इस बार पटाखे नहीं चलाएंगे। दुकानदार कहें कि पटाखे नहीं बेचेंगे। ताजनगरी से जो भी संदेश दिया जाता है, उसका प्रभाव पूरे देश में पड़ता है। अगर पटाखा रहित दिवाली का संदेश जाएगा तो इसका भी असर पड़ेगा। मेरे घर में पटाखे नहीं आएंगे, पापा ने कहा कि पटाखे लाना पैसे की बर्बादी है। - पीयूष कुमार, कालामहल
पटाखे न चलाने संकल्प लेने वाली युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
संकल्प लिया है आतिशबाजी नहीं करूंगी
मैं आतिशबाजी नहीं करूंगी और न मेरे दोस्त करेंगे। इसका संकल्प लिया है। हम कॉलोनी के बच्चों को जागरूक भी करेंगे। इसके लिए सोशल मीडिया पर मुहिम चलाएंगे। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि शहर में प्रदूषण का स्तर पहले से बढ़ा हुआ है। हमारी जिम्मेदारी है कि कम होती ऑक्सीजन को और कम न करें। - अंशिका शर्मा, काला महल
पटाखों की दुकान ही नहीं लगनी चाहिए
हम पटाखे नहीं चलाएंगे क्योंकि हमें मालूम है कि ये पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं। पटाखों से हर दिवाली कई हादसे होते हैं, लोगों की जान तक चली जाती है। प्रशासन को चाहिए कि पटाखों की दुकान ही न लगने दे। इनकी बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक होना चाहिए। - मानसी दादलानी, ब्रज विहार, कमला नगर
सबसे कहेंगे, पटाखा रहित दिवाली मनाएं
पटाखों पर पैसे बर्बाद करने से अच्छा है कि किसी गरीब की मदद करें। पटाखों से किसी को भला क्या खुशी मिल सकती है। मैंने देखा कि लोग बम को आग लगाते हैं और कान बंद कर लेते हैं, जो आवाज हम खुद सुनना नहीं चाहते, उसे दूसरों को सुनाकर क्यों परेशान करें। मैं कॉलोनी में सबसे अपील करूंगा कि पटाखा रहित दिवाली मनाएं। - गरिमा दियालानी, तेज नगर
जुड़िए अमर उजाला की मुहिम से
अगर आप भी पटाखा रहित दिवाली की मुहिम से जु़ड़ना चाहते हैं तो अपने संदेश का नाम और पते के साथ दो मिनट का वीडियो बनाकर 7617566170 पर व्हाट्स एप करें या agr-cityreporter@agr.amarujala.com पर ई-मेल करें।