फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: सरकारी जमीन पर फर्जी एनओसी से पास कराया नक्शा, एडीए ने किया निरस्त; अफसरों-कर्मचारियों की जांच शुरू

Wed, 14 Oct 2026 10:00 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

अमर उजाला की खबर के बाद आगरा विकास प्राधिकरण ने धाकरान में सरकारी नजूल जमीन पर कथित फर्जी एनओसी के आधार पर स्वीकृत भवन का नक्शा निरस्त कर दिया है। प्राधिकरण ने नक्शा पास करने की प्रक्रिया में शामिल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच भी शुरू कर दी है।
 
विज्ञापन
आगरा विकास प्राधिकरण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने धाकरान इलाके में नजूल विभाग के फर्जी पत्र के सहारे पास कराए गए भवन के नक्शे को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया के दौरान तैनात रहे अधिकारियाें को भी प्राधिकरण ने चिह्नित कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


विभागीय सूत्रों के अनुसार नजूल विभाग ने अपने पत्र में दावा किया है कि उसकी ओर से सिर्फ एक ही पत्र जारी किया गया जिसमें संपत्ति के सरकारी भूमि होने का उल्लेख था। ऐसे में किसी फर्जी पत्र के आधार पर नक्शा पास किया जाना गलत है। विभाग के इस दावे के बाद प्राधिकरण को शुरुआती जांच में पता चला है कि नजूल विभाग का पत्र मिलने और आपत्ति के बावजूद एडीए अफसरों-बाबुओं के रैकेट ने नक्शे को मंजूरी दे दी।

ऐसे में उस समय तैनात रहे इंजीनियरों, बाबुओं और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित किया जा रहा है। एडीए सचिव संजय कुमार ने बताया कि नक्शे को निरस्त करने के साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए भी जांच की जा रही है। अमर उजाला ने एमजी रोड पर धाकरान चौराहे के पास स्थित एक संपत्ति के लिए एक ही तारीख में दो अलग-अलग पत्रांकों से एनओसी जारी करने के मामले का खुलासा किया था। खुद को जमीन का मालिक बताने वाले ने प्राधिकरण के एबीपास पोर्टल पर 4 जनवरी 2025 की तारीख वाली एनओसी अपलोड कर मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन


उस समय तहसीलदार सदर और नजूल मुहर्रिर की आख्या के आधार पर दावा किया गया कि भूमि नजूल की नहीं है, जिसके आधार पर एडीए ने नक्शा मंजूर कर दिया था। बाद में नजूल विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट हुआ कि सर्वे शीट नंबर-107 मौजा-चक अव्वल शहर आगरा (सन 1929-30) के अनुसार यह जमीन नजूल भूखंड के अंतर्गत आती है और इसके लिए एनओसी दिया जाना संभव ही नहीं है। इसी के बाद से नजूल विभाग और प्राधिकरण मामले की जांच में जुटा है।

दर्ज होगी प्राथमिकी
गुड़ की मंडी में धोखाधड़ी कर नक्शा पास कराने और सरकारी जमीन पर निर्माण के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद अब धाकरान की जमीन के मामले में भी प्राधिकरण ने कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। सूत्रों का कहना है कि विभाग के अफसर जांच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। इस बार नक्शा पास कराने वाले बिल्डर के अलावा मिलीभगत में शामिल रहे विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ भी प्राथमिकी की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें