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#हिंदीहैंहम: विश्व में बढ़ रहा हिंदी का सम्मान, वक्ताओं ने कहा- हिंदुस्तान का गौरव है हिंदी

Wed, 09 Sep 2020 05:11 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

सरकार भी संवैधानिक तौर पर हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित नहीं कर पाई है। लेकिन धीरे-धीरे ही सही विश्व में हिंदी का सम्मान बढ़ रहा है। इसी के मद्देनजर अमर उजाला द्वारा हिंदी के सम्मान के लिए मुहिम चलाई जा रही है।
 
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#हिंदीहैंहम: संवाद में वक्ताओं ने रखे विचार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत को आजाद हुए सात दशक से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक भारतीय अपनी राष्ट्रीय भाषा का चयन नहीं कर सके हैं। सरकार भी संवैधानिक तौर पर हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित नहीं कर पाई है। लेकिन धीरे-धीरे ही सही विश्व में हिंदी का सम्मान बढ़ रहा है। इसी के मद्देनजर अमर उजाला द्वारा हिंदी के सम्मान के लिए मुहिम चलाई जा रही है। 
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- संसार की सब भाषाएं जब बनने लगे शूल, मेरे प्यारे भारतवासियों तब गर्व से कहो हमारी हिंदी भाषा सभी भाषाओं की है मूल। विश्व की प्राचीनतम भाषा संस्कृत से जन्म लेने वाली हिंदी आसान भाषा है। जिसे हर आदमी आसानी से समझ लेता है। हिंदी सभी भाषाओं में सरल वैज्ञानिक तथ्य पर आधारित है। हिंदी के हर शब्द में अनेकों शब्द छुपे रहते हैं। - राम जोशी, प्रधानाध्यापक।

- हिंदी भाषा के रूप का वर्णन किया जाए तो कुछ इस तरीके से शब्द बनकर निकलेंगे। हिंदी रस और छंद विराजे उनमें शीष अलंकृत शोभा न्यारी, स्वर-व्यंजन सुन्दर दो नयनामस्तक बिंदिया संज्ञा प्यारी। तत्सम रूप लगै अति पावन तद्भव में अपनापन भारी। कारक-क्रिया बने संबंधी और संस्कृत है महतारी। हिंदी हिन्दुस्तान का गौरव है। - हरीकान्त शर्मा, प्रधान अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुखराई।
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हिंदी भाषा भारतवर्ष के साथ संपूर्ण विश्व को एकरूपता प्रदान करने वाली भाषा है। हिंदुस्तानियों का स्वाभिमान है। हमारी हिंदी भाषा विश्व में निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। हिंदी भाषा में बहुत से शब्द ऐसे हैं, जो संस्कृत के शब्दों से जुड़े हुए है और निरंतर प्रयोग में लाए जा रहे हैं। हिंदी की जननी संस्कृत है, जो हमारे पूर्वजों की भाषा है। - डॉ. हर्षवर्धन गोस्वामी, राधाकुंड।

हिंदी भाषा कई सदियों से बोले जाने वाली भाषा है। हिंदी भाषा बहती नदी के जल के समान है। जिसके छूने मात्र से दुनिया के अनेक विद्वानों द्वारा हिंदी भाषा को सरल और सहज बताया जा चुका है।


हिंदी भाषा का हिंदुस्तान के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान रहा है। आज विश्व में हिंदुस्तान को गुरु की दृष्टि से देखा जाता है तो इसका श्रेय हिंदी भाषा को ही जाता है। - पंडित ब्रजकिशोर गोस्वामी, ज्योतिषाचार्य राधाकुंड।
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