स्मारक बंद करने से पूर्व सरकार ने वीजा सर्विस और इसके बाद इंटरनेशनल फ्लाइट स्थगित कर दी थीं। 188 दिनों की रिकॉर्ड बंदी के बाद ताजमहल तो खुल गया था, लेकिन पर्यटन उद्योग ठप हो गया था। होटल संचालकों ने पर्यटकों के न आने के कारण अपने होटल खेाले ही नहीं।
कोरोना की दूसरी लहर के जून में खत्म होने के बाद अक्तूबर के पर्यटन सीजन से होटल संचालकों ने धीमे धीमे होटल खोलने शुरू किए और दिसंबर तक 300 से ज्यादा इकाइयां खुल गईं। दिसंबर से ही पर्यटकों की संख्या का ग्राफ बढ़ा, पर जनवरी में फिर तीसरी लहर के कारण पर्यटक कम हो गए। मार्च में होली पर पर्यटन उद्योग फिर से रफ्तार पकड़ने लगा।
ताजमहल का क्रेज
सरकार ने कोरोना संक्रमण के कारण लगी पाबंदियों को हटाया तो ताजमहल पर सैलानियों का सैलाब उमड़ने लगा। होली के बाद जब स्थितियां सामान्य हुई तो ताज का जादू दिखने लगा। महज तीन दिनों में ही ताज पर एक लाख से ज्यादा सैलानी पहुंचे। ताजमहल के दीदार के लिए अब जो सैलानी पहुंच रहे हैं, उनसे पर्यटन उद्योग को उम्मीद बंधी है कि जल्द ही पुराने दिन लौट आएंगे।