अपराजिता क्लब: अमर उजाला फाउंडेशन के तहत ही विभिन्न शहरों में अपराजिता क्लब चलाए जाते हैं। इनमें कई ऐसी गतिविधियां संचालित की जाती हैं, जिनसे महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना और आत्म-विश्वास जाग्रत होता है। महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान किया जाता है। ब्यूरो
जरूरतमंदों की मदद
कोरोना महामारी के भीषण दौर में फाउंडेशन के जरिए कई जरूरतमंदों के लिए भोजन, राशन, कंबल, सैनिटाइजर और मास्क का अनेक बार वितरण करवाया गया। एसएन मेडिकल कॉलेज को वेंटिलेटर और पीपीई किट प्रदान की गईं। इसी कड़ी में कई स्थानों पर निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों के आयोजन कराए गए।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कई जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक मदद भी दिलवाई गई। मथुरा में एक बुजुर्ग अम्मा, जो कैंसर से पीडित थीं, के ऑपरेशन की पूरी जिम्मेदारी ली गई। इसी तरह हाल ही में आगरा के चार वर्षीय थैलेसीमिया पीडित वेद गर्ग के मेरो ट्रांसप्लांट के लिए करीब 17 लाख रुपए इकट्ठा किए गए।
साहित्य सेवा में भी शिखर पर
अमर उजाला हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए कृत संकल्पित है। हिंदी पर गर्व करते हुए लाखों पाठकों को इस दिशा में सतत जागरूक किया है और यह सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में साहित्य का, साहित्य के लिए, साहित्य को समर्पित शब्द साधना अलंकरण स्थापित किया और नवांकुर साहित्यकारों को देने की पहल शुरू की गई। इसमें सतत रचनात्मकता के लिए एक हिंदी और एक अन्य भारतीय भाषा में विशिष्ट सृजन के लिए पांच-पांच लाख नकद रुपये के दो सर्वोच्च अलंकरण ‘आकाशदीप’ दिए जाते हैं।
इसके अलावा हिंदी में किसी लेखक की पहली किताब के लिए ‘थाप’ अलंकरण दिया जाता है। इसमें सम्मान स्वरूप एक लाख रुपये की राशि दी जाती है। इसी तरह तीन साहित्यकारों को ‘छाप’ अलंकरण के तहत हिंदी में तीन विधाओं में तीन कृतियों पर एक-एक लाख रुपये सम्मान स्वरूप प्रदान किए जाते हैं। भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए विशेष सम्मान ‘भाषा बंधु’ दिया जाता है। इसके तहत एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है।