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अपराजिता अभियान में छात्राओं ने जाना, कैसे चटाएं मनचलों को धूल, सीखे आत्मरक्षा के गुर

Thu, 27 Dec 2018 08:49 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत गुरुवार को आगरा के राम स्वरूप सिंघल गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। छात्राओं ने जाना कि उन्हें मनचलों को कैसे धूल चटानी है। ‘नारी हूं, कमजोर नहीं हूं’ का नारा भी बुलंद किया। 
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चार-डान ब्लैक बेल्ट धारक प्रशिक्षक पंकज शर्मा ने विद्यालय की छात्राओं को ताइक्वांडो, मार्शल आर्ट की सेल्फ डिफेंस तकनीक का प्रशिक्षण दिया। उनकी प्रशिक्षु छात्राएं गायत्री अनुरागी, रिचा जादौन, स्वाती शुक्ला, चंचल यादव, प्राची बघेल, पंखुड़ी मेहरा और दीया मिश्रा ने प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान किया। 

छात्राओं ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं बैग, पर्स, पेन, चाबी आदि को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का तरीका भी सीखा। छात्राओं का उत्साह देखते बना। मेजबान स्कूल की प्रधानाचार्या कुमुद ग्रोवर ने कहा कि अमर उजाला का अभियान सराहनीय है। नारी सशक्तिकरण पर और जोर देने की जरूरत है। 
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छात्राओं ने यह सीखा

आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
- वॉर्मिंग अप और स्ट्रेचिंग की विशेष एक्सरसाइज के बाद पंच को मजबूती से हिट करने, सिंगल फेस पंच, फ्रंट चाप, ओपन फ्रंट चाप, साइड ब्लॉक, अपर ब्लॉक, जमीन से पैरों की जोरदार पकड़ बनाने का तरीका सीखा।
- कोहनी के अटैक से विरोधी के चेहरे-नाक पर जोरदार प्रहार करने की कला सीखी, जिससे वह छेड़छाड़, चेन, मोबाइल फोन स्नेचिंग, अपहरण जैसी घटनाओं से बच सकें। 
 - विरोधी पीठ के पीछे से आकर दोनों हाथों से पकड़ ले तो आगे जमीन की ओर झुक कर विरोधी के पैर को दोनों हाथों से कसकर पकड़कर झटके से खींचने का अभ्यास किया। कंधे और कलाई की पकड़ छुड़ाकर विरोधी को धूल चटाने का तरीका सीखा। 
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खुलकर बोलीं छात्राएं 

आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेतीं छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
- लड़कियों के साथ आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण प्राप्त कर वह खुद की सुरक्षा कर सकती हैं। 
श्रुति अग्रवाल, कक्षा-11
- प्रत्येक स्कूल में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इससे वह शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होंगी।
 तान्या जैन, कक्षा-11 
- विद्यालयों में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा के प्रशिक्षण की नियमित व्यवस्था होनी चाहिए। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनका मनोबल बढ़ेगा।
 शिवानी शमी, कक्षा 11
- आत्मरक्षा की तकनीक सीखने से मुसीबत के समय लड़कियों को बहुत मदद मिल सकती है। प्रशिक्षण से आत्मविश्वास बढ़ा है।
 कुमकुम, कक्षा-11 
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