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'अपराजिता' के तहत लगा विधिक सहायता शिविर, कानूनी सलाह के साथ मिला नया हौसला

Mon, 24 Dec 2018 03:37 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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महिलाओं की समस्याएं सुनतीं अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला
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किसी महिला को गुजारा भत्ता नहीं मिल पा रहा तो किसी को जायदाद में हिस्सा। किसी को पति प्रताड़ित कर रहा है तो किसी को ससुरालियों ने घर से निकाल दिया है। न्याय और हक की लड़ाई में दफ्तरों के चक्कर काट रही इन महिलाओं को अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत लगाए गए विधिक सहायता शिविर में बड़ा सहारा मिला। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने न केवल कानूनी सलाह दी, बल्कि नया हौसला भी दिया।
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आगरा में रविवार को अमर उजाला कार्यालय में इस शिविर का आयोजन किया गया था। पीड़ित महिलाएं शिविर में अपने-अपने सवाल लेकर पहुंची थीं। जगदीशपुरा, सिकंदरा, आवास विकास, शाहगंज, रामबाग ही नहीं सैंया, बाह, खंदौली, एत्मादपुर से भी महिलाएं आईं। महिलाओं को परामर्श केंद्र और आशा ज्योति केंद्र के बारे में भी बताया गया।

समस्याओं का कानूनी रूप से समाधान बताने के लिए शिविर में एडवोकेट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अधिवक्ता मंजू द्विवेदी, आगरा बार एसोसिएशन की पूर्व सचिव भारती चतुर्वेदी, तीन एडीजीसी क्राइम विमलेश आनंद, मधु शर्मा और अंजलि वर्मा उपस्थित रहीं।
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निशुल्क भी मिल सकती है कानूनी सहायता

अधिवक्ताओं ने महिलाओं को बताया कि अगर किसी के पास वकील की फीस देने के लिए पैसा न हो तो वह जिला विधिक प्राधिकरण की मदद ले सकता है। उसे कानूनी सलाह के साथ केस लड़ने के लिए अधिवक्ता भी मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण में सिर्फ एक अर्जी देनी होती है।

ऐसी समस्याएं आईं
- विवाहित बेटी लापता है, पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही है।
- बहु परेशान करती है, परामर्श केंद्र में मामला है, बुलाए जाने पर आती नहीं है।
- पति सरकारी नौकरी में थे, उनकी मृत्यु के बाद न कोई फंड मिला, न ही पेंशन।
- पंद्रह साल पति के साथ केस चला, इसके बाद समझौता हुआ, अब पति ने फिर से निकाल दिया है।
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