मैनपुरी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा के साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। बच्चों को शिक्षित के साथ ही उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए पौष्टिक मध्यान्ह भोजन के साथ ही स्कूलों में औषधीय सहजन के पौधे लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। जिले के सभी 1909 परिषदीय स्कूलों में सहजन के पौधे लगाए जाएंगे।
परिषदीय स्कूलो में बच्चों बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर शासन और प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। सभी परिषदीय स्कूलों में प्रशासनिक अधिकारियों ने चार से लेकर 10 औषधीय सहजन के पौधे लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभाग ने बजट की व्यवस्था की है। जिला प्रशासन की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि सहजन के पौधे परिषदीय स्कूलों में लगाने के लिए प्रति पौधा सात रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। प्रधानाध्यापक स्कूल में चार से लेकर 10 पौधे लगा सकेंगे। बीएसए ने प्रधानाध्यापकों को स्कूलों में सहजन के पौधे लगाने के आदेश दिए हैं।
सहजन के फायदे
- सहजन की फली या पत्तियां भोजन में शामिल कर वजन कम किया जा सकता है
- सहजन में मौजूद औषधीय गुण कैंसर जैसी बीमारी के जोखिम को कम करता है
- सहजन की फलियों, छाल और अन्य भागों में एंटी डायबिटिक गुण मौजूद होते हैं
-हड्डियों और ह्दय को स्वस्थ रखने के लिए सहजन का सेवन कर सकते हैं
-सहजन की पत्तियां और छाल के सेवन से एनीमिया की समस्या दूर होती है
-मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का कार्य करता है
-सहजन का सेवन करने से पेट संबंधी समस्याएं दूर होती हैं
सहजन एक औषधीय पौधा है। पौधे स्कूलों में रोपने के कारण बच्चों के एमडीएम में सहजन शामिल हो जाएगा जो बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाने का कार्य करेगा। बच्चों की हड्डियों मजबूत होंगी तो वे शिक्षा के साथ ही खेलकूद और स्काउट गतिविधियों में अच्छे ढंग से प्रतिभाग कर सकेंगे।
कृष्ण कुमार, जिला स्काउट मास्टर
सहजन एक औषधीय पौधा है। इसकी छाल और फली के सेवन करने से बच्चों का मस्तिष्क तेज होगा। जिला प्रशासन का सहजन के पौधे लगाने का निर्णय प्रशंसनीय है। शीघ्र ही इस आदेश का पालन किया जाएगा। न्याय पंचायत के सभी स्कूलों में पौधे लगवाए जाएंगे जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हितकर हैं।
अंबुज यादव, संकुल शिक्षक
शिक्षा के विकास के लिए बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य जरूरी है। सहजन का पौधा ऐसा है जिसकी फली और छाल के सेवन करने से बच्चों के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होगा। प्रशासन का यह निर्णय बहुत ही सराहनीय है। सभी प्रधानाध्यापकों को अपने-अपने स्कूलों में सहजन के पौधे शीघ्र लगाने चाहिए।
प्रदीप कुमार, सहायक शिक्षक
बच्चे गुणात्मक शिक्षा तभी ग्रहण कर सकते हैं जब उनका स्वास्थ्य अच्छा होगा। सहजन औषधीय पौधा है जिसमें कई गुण हैं। सहजन के पौधे स्कूलों में उगने से यहां पढने वाले बच्चों को कई प्रकार से लाभ प्राप्त होगा। विभागीय आदेशों का सभी प्रधानध्यापकों का पालन करते हुए शीघ्र सहजन के पौधे लगाने चाहिए।
जुगलकिशोर, सहायक शिक्षक
परिषदीय स्कूलों में सहजन के पौधे लगाने का प्रशासनिक आदेश प्राप्त हुआ है। इसके पालन के लिए प्रधानाध्यापकों को सूचित कर दिया गया है। शीघ्र ही जिले के सभी स्कूलों में सहजन के पौधे लगवाए जाएंगे।
कमल सिंह, बीएसए।