आगरा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं और पीएचडी शोधार्थियों ने बुधवार शाम को विश्वविद्यालय परिसर में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। शोधार्थियों का आरोप है कि समाजशास्त्र में पीएचडी के लिए चयनित होने के बाद भी उनका रिजल्ट अपडेट कर उन्हें प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसके अलावा, जूलॉजी विषय में चुपचाप 10 सीटें बढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
एबीवीपी महानगर मीडिया संयोजक विवेक सिंह ने बताया कि समाजशास्त्र विषय में पीएचडी प्रवेश के लिए 7 अभ्यर्थी चयनित हो गए थे और उनका नंबर भी आ चुका था। इसके बावजूद, बाद में रिजल्ट अपडेट कर उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जूलॉजी विषय में पीएचडी की 10 सीटें बिना किसी सार्वजनिक सूचना के बढ़ा दी गईं, जबकि इन सीटों पर प्रवेश भी होने हैं।
धरना-प्रदर्शन के बाद, एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. आशु रानी से मुलाकात की। इस दौरान, रजिस्ट्रार अजय मिश्रा ने मामले की जांच के लिए एक समिति बनाने का आश्वासन दिया। इस विरोध प्रदर्शन में एबीवीपी विभाग संगठन मंत्री रजत जोशी, अश्विनी, नितिन दुबे, ध्रुव पंडित, शिवम सहित अन्य कार्यकर्ता और शोधार्थी मौजूद रहे।