बैनर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी लिखी हुई थीं। यह देखकर सीआईएसएफ के जवानों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही दो जवान दौड़कर प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे और बैनर छीनने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी कार्यकर्ताओं से छीनाझपटी भी हुई।
खुद को यूनिवर्सिटी (प्रयागराज) का छात्र बताने वाले प्रदर्शनकारियों ने दो से तीन मिनट तक प्रदर्शन किया। इसके बाद सीआईएसएफ के जवानों ने घेराबंदी करके पकड़ लिया और उन्हें कार्यालय लेकर गए, जहां उनसे माफीनामा लिखवाया गया।
प्रदर्शन करने के बाद खुद को छात्र बताने वाले युवकों ने कहा कि राफेल डील की जांच जेपीसी से कराई जानी चाहिए। यह संदेश दिल्ली तक पहुंचाने के लिए उन्होंने ताज पर प्रदर्शन किया। इस संबंध में सीआईएसएफ के कमांडेंट ब्रजभूषण सिंह ने कहा कि प्रकरण की जांच करवाई जा रही है।
ताजमहल में विरोध प्रदर्शन करने के मामले में सीआईएसएफ के कमांडेंट ने 12 प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर थाना ताजगंज ने बताया कि मुकदमे में राजकुमार निवासी प्रयागराज, गौतम, ओमप्रकाश, मृत्युंजय सिंह, विपुल चौबे, अदीप सिंह, यश मिश्रा, विशाल सिंह, कन्हैया तिवारी, अनुभव सिंह, मृदुल सिंह, सादिप का नाम है।
आरोप है कि उन्होंने ताजमहल के प्रतिबंधित क्षेत्र में नारेबाजी की और उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।