घने कोहरे के कारण बुधवार को 12403 इलाहाबाद जयपुर एक्सप्रेस व 14163 संगम एक्सप्रेस रद्द रहीं। प्रमुख गाड़ियों में तूफान एक्सप्रेस 18.30 घंटे, सचखंड एक्सप्रेस 18 घंटे, शताब्दी दो घंटे, कोटा-पटना एक्सप्रेस दो घंटे, पंजाब मेल दो घंटे, ताज एक्सप्रेस तीन घंटे समेत 18 गाड़ियां अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैैं। रात में आने वाली कई गाड़ियां दूसरे दिन शाम तक आगरा कैंट और फोर्ट स्टेशन पर पहुंच पा रही हैं। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दो हिस्सों में बंटी मालगाड़ी
आगरा(ब्यूरो)। बुधवार की सुबह 10.15 बजे डाउन साइड से आ रही मालगाड़ी पृथ्वीनाथ फाटक के पास दो हिस्सों में बंट गई। इसके कारण एक घंटे तक फाटक बंद रहा। इस पर गुस्साए लोगों ने रेलवे फाटक पर हंगामा किया। बाद में कंट्रोल रूम को सूचना देने पर आरपीएफ मौके पर पहुंची। 11.30 बजे मालगाड़ी को आगे रवाना किया जा सका। उधर, अछनेरा के रायभा में डीएमयू के दो घंटे तक स्टेशन पर खड़े रहने पर यात्रियों ने हंगामा किया। आरपीएफ ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
कंट्रोल फेल होने से दिक्कतें
ईदगाह जंक्शन पैनल के नजदीक सीवर लाइन की खोदाई के दौैरान टेलीफोन लाइन कट गई। इस कारण रेलवे का संपर्क टूट गया और कंट्रोल फेल हो गया। तीन घंटे के बाद मरम्मत के बाद कंट्रोल को ठीक किया गया। इसका असर यहां से गुजरने वाली गाड़ियों पर भी पड़ा।
सुबह नौ बजे से पहले नहीं खुलेंगे स्कूल
आगरा (ब्यूरो)। शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव दयाल ने स्कूलों के संचालन के समय में परिवर्तन करने का निर्देश दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. जितेंद्र सिंह यादव के मुताबिक यूपी बोेर्ड के राजकीय, एडेड, वित्त विहीन, सीबीएसई, आईसीएसई और संस्कृत विद्यालय सुबह नौ बजे से संचालित होंगे। इससे पूर्व कोई विद्यालय संचालित होते मिला तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित संस्था के प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे। अधिकतर निजी विद्यालयों का संचालन सुबह नौ बजे के पहले से ही हो रहा है। विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। कहा है कि जांच के दौरान यदि कोई विद्यालय खुला मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
नवजात और सांस रोगियों की बढ़ी मुसीबत
आगरा (ब्यूरो)। ठंड बढ़ने के साथ बच्चों और सांस रोगियों के लिए मुसीबत बढ़ गई है। बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। क्षय एवं वक्ष रोग विभाग के डा. जीवी सिंह का कहना है कि तेज सर्दी से सांस रोगियों अधिक परेशानी हो रही है। सांस उखड़ने लगती है।
पीला बलगम आने और सांस लेने में दिक्कत होने पर डाक्टर के सलाह से दवा लेनी चाहिए। सांस रोगियों को इन्हेलर का इस्तेमाल करने के साथ गर्म पानी की भाप लेना चाहिए। ठंडे पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञ डा. अरुण का कहना है कि इस मौसम में जुकाम-खांसी के साथ पसली चल रही है तो ये खतरनाक है। सांस लेने में तकलीफ होने के कारण पसली चलती है। ऐसे में बच्चों का तत्काल इलाज कराना चाहिए। बच्चों की देखभाल पर ध्यान देना चाहिए। कान-शरीर गर्म कपड़ों से अच्छी तरह ढका हो, ठंडे पानी और ठंडे तरल पदार्थ से बचें।