कुल परीक्षार्थी: 11,365
बालक: 7019
बालिकाएं: 4346
बोर्ड में शामिल हुए: 3465
इंटरनल बोर्ड में: 7900
सीबीएसई के 10वीं का आया परिणाम
स्कूल में बांटी मिठाई तो दोस्ताें संग खुशियां
ना फेल होने का भय और ना ही लो परसंटेज की टेंशन। सीबीएसई में हाईस्कूल में ग्रेडिंग सिस्टम होने के चलते परीक्षार्थी पास होने को निश्चिंत थे। बस रिजल्ट देखने की उत्सुकता थी, दोपहर एक बजे से ही छात्र कंप्यूटर पर रिजल्ट सर्च करने लगे। जैसे ही रिजल्ट अपलोड हुआ हर चेहरा मुस्कराने लगा। हर किसी को अपना रोल नंबर देखने की होड़ लगी हुई थी। शत प्रतिशत रिजल्ट में सब पास हुए। 10 सीजीपीए पाने वाले विद्यार्थी तो रिजल्ट देखकर ही झूमने लगे। 10 सीजीपीए पाने वाले आगरा में करीब 15 फीसदी परीक्षार्थी रहे। बच्चों की सफलता पर शिक्षकाें ने मिठाई बांटी तो छात्रों ने दोस्तों के बीच खुशियां। बता दें कि आगरा के 75 स्कूलों से 1136 परीक्षार्थी शामिल हुए। लड़कों की संख्या 7019 तो 4346 बेटियाें ने परीक्षा दी। इंटरनल बोर्ड में अधिकांश छात्रों का रुझान रहा। कुल 1136 विद्यार्थियों में 7900 ने इंटरनल बोर्ड परीक्षा चुनी। 3465 ने एक्टरनल बोर्ड (अन्य कालेज में सेंटर) की परीक्षा दी।
रिजल्ट में सर्वर बना बाधा
इंटरनेट पर रिजल्ट अपलोड होते ही सर्वर जवाब दे गया। शुरूआत के दो घंटे तक इंटरनेट बाधित रहा। इससे रिजल्ट नहीं देख पाए। साइबर कैफे तो कोई अपने मोबाइल पर रिजल्ट देखने में व्यस्त रहा।
पीएसए से बढ़ी 10 सीजीपीए
प्रॉब्लम सॉल्विंग असेसमेंट (पीएसए) की परीक्षा न होने से 10 सीजीपीए पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ गई। इसकी परीक्षा खत्म कर 40 अंक छात्र के खाते में गए।
गुरुजन बोले, असली परीक्षा की करें तैयारी
फेल होने का डर न होने के कारण सभी पास हो गए। शिक्षक बच्चों को 12वीं की परीक्षा तैयारी में कोई कोताही न बरतने की सीख दे रहे हैं। शिक्षकों का मानना है कि 10 सीजीपीए पाने वाले छात्र भी 12वीं में गच्चा खा जाते हैं।
हाईस्कूल के बाद असली परीक्षा 12वीं है। पढ़ाई में जरा सी लापरवाही बेहतर अंकों की उम्मीद पर पानी फेर सकती है। बच्चों को नियमित पढ़ाई पर फोकस रखना जरूरी है।
डा. आरएन चौहान, प्रधानाचार्य, सुमित राहुल मेमोरियल पब्लिक स्कूल
पास हुए विद्यार्थियों को बधाई, ध्यान रहे, 11वीं और 12वीं में भी यही सफलता दोहरानी है। खूब मस्ती करें, लेकिन पढ़ाई पर भी जोर रहे।
- प्रद्युम्न चतुर्वेदी, प्रधानाचार्य गायत्री पब्लिक स्कूल
रिजल्ट देख नम हुई सिमरन की आंखें
रिजल्ट देखकर गायत्री पब्लिक स्कूल की सिमरन की आंखें नम हो गईं। साथियों को सिमरन से पता चला कि पिता का देहांत 10 साल पहले हो चुका है। मां ही एकमात्र सहारा है। पास खड़े भाई शिवम ने उसे संभाला। शिक्षकाें ने भी उसे बधाई दी।
खत्म होना चाहिए इंटरनल बोर्ड
अनेक छात्रों ने सीबीएसई में इंटरनल बोर्ड की परीक्षा खत्म करने की बात कही। छात्रों का तर्क था कि समान परीक्षा कराई जाए। इंटरनल बोर्ड की परीक्षा देने वाले छात्रों को मदद के ज्यादा मौके रहते हैं। बता दें कि इंटरनल बोर्ड में संबंधित कालेज में ही परीक्षा और मूल्यांकन कर बोर्ड को अंक भेज दिए जाते हैं।