ससुरालीजनों से परेशान होकर घर से निकाली महिला ने शनिवार दोपहर फिरोजाबाद के प्लेटफार्म पर एक बालक को जन्म दिया। आरपीएफ के जवानों की पहल पर स्टेशन पर मौजूद यात्री महिलाएं उसकी सहयोगी बन गई।
ट्रेन में सफर कर रही एक प्राइवेट नर्स ने उसकी डिलिवरी कराई। आरपीएफ के प्रभारी ने एंबुलेंस को बुलवाकर जब महिला अस्पताल भिजवाया तो उन्होंने भर्ती करने से इंकार कर दिया। थाना उत्तर पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भर्ती कर लिया गया।
बताया गया है कि अलीगढ़ के गांव बर्रा निवासी पूजा (28) पत्नी सतेंद्र सिंह शनिवार की शाम को अलीगढ़ से आने वाली एएमयू ट्रेन में बैठकर फिरोजाबाद तक आ गईं।
पूजा को फिरोजाबाद स्टेशन पर जब प्रसव पीड़ा हुई तो वह खुद ही ईएमयू ट्रेन से उतरकर प्लेटफार्म पर आरपीएफ के कार्यालय के समीप बैठ गईं। आरपीएफ के एसआई रमेश चंद्र, अमित चौधरी ने महिला से पूछा तो उसने बताया कि उसका मायका बनारस में है।
पति दिल्ली में मजदूरी करता है। ससुरालीजनों से तंग आकर वह घर से चली आई थी। इसके कारण वह ट्रेन में बैठकर मायका बनारस जा रही थी। महिला प्लेटफार्म पर दर्द से कराहने लगी तो आरपीएफ के उप निरीक्षक ने हैड कांस्टेबिल डीके सिंह, सिपाही बलवीर सिंह, प्रबलदीप से यात्री महिलाओं को बुलाने को कहा।
प्राइवेट नर्स ने किया सहयोग
महिलाओं ने कपड़ों से आड़ करके उसका प्रसव स्टेशन पर करा दिया। स्टेशन पर खड़ी एक प्राइवेट नर्स ने प्रसव के दौरान सहयोग किया। पूजा ने एक बालक को जन्म दिया। बालक के जन्म होने के बाद एंबुलेंस बुलाकर महिला अस्पताल भिजवा दिया।
जच्चा व बच्चे को लेकर आरपीएफ के सिपाही महिला अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने भर्ती करने से इंकार कर दिया। उनका तर्क था कि कोई तीमारदार नहीं है तो देखभाल कौन करेगा। आरपीएफ प्रभारी ने इस घटनाक्रम की तो जानकारी थाना उत्तर पुलिस को दी। उत्तर थाने का फोर्स पहुंचने के बाद उसे भर्ती कर लिया है।