अस्पताल में मौजूद अलीगंज में बुधवार को हुई फायरिंग में जान गवांने वाली गर्भवती महिला के परिजन।
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एटा। अलीगंज के गांव सुमोर में हुए झगड़े के बाद हुई फायरिंग में एक महिला की ही नहीं बल्कि उसके पेट में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ तो सभी की आंखें नम हो आईं। महिला आठ माह के गर्भ से थी। वह कुछ दिनों बाद ही एक बालक को जन्म देती लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
जिस घर में माह भर बाद ही बच्चे की किलकारियां गूंजनी थी वहां गुरुवार को मातम पसरा था। चंद दिनों बाद जहां हर कोई नन्हें मुन्ने के इंतजार में था। वहां गुरुवार को उसी उसी नन्हे मुन्ने की मां का शव पहुंचा। घर पर शव पहुंचते ही चीत्कार मच गया। कोई मृतका ममता की याद में सिसक रहा था तो कोई गर्भस्थ शिशु की मौत होने पर उसका कसूर पूछ रहा था। गांव में जहां सन्नाटा था वहीं विपिन के घर कोहराम मचा था। शव पहुंचने के बाद ममता का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
तो बच जाती बालक की जान
पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि ममता के गर्भ में बालक पूरा आकार ले चुका था। अगर किसी ने जिम्मेदारी दिखाई होती तो अस्पताल पहुंचते ही ऑपरेशन कराना चाहिए था। समय से बालक को बाहर निकाल लिया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि यह पूरी तरह से नहीं कहा जा सकता, लेकिन प्रयास होता तो शायद जान बच जाती।
सीने में फंसी थी गोली
थाना अलीगंज क्षेत्र के गांव सुमोर निवासी ममता (25) पत्नी विपिन कुमार का पोस्टमार्टम होने पर पता चला कि वह छह नहीं आठ माह के गर्भ से थी। उसके गर्भ में बालक पनप रहा था। चिकित्सकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि ममता को एक ही गोली लगी जो सीने में लगी थी। बुलेट उसके सीने में फंसा हुआ था।
तमंचा सहित हत्यारोपी पकड़ा
ममता की गोली मार हत्या करने वाले आरोपी संतोष पुत्र लालता निवासी सुमोर थाना प्रभारी अलीगंज पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी के कब्जे से एक तमंचा भी बरामद किया है।