आगरा। पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) के रथ पर सवार समाजवादी पार्टी (सपा) अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सबसे मजबूत कोर वोट बैंक कहे जाने वाले छोटे व्यापारियों में सेंधमारी की रणनीति में जुट गई है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा प्रमुख अखिलेश यादव 14 जून को फतेहाबाद रोड स्थित मुगल होटल में छोटा कारोबारी-कारोबार... क्यों हो रहा बर्बाद थीम पर व्यापारियों से सीधा संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए कारोबारियों को विशेष आमंत्रण भेजे जा रहे हैं।
सूबे का सबसे बड़ा सियासी संग्राम मिशन 2027 होना है। भाजपा अक्सर सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था का हवाला देकर व्यापारी वर्ग को अपने पाले में रखती आई है। इस धारणा को तोड़ने और एक नई सियासी चुनौती पेश करने के लिए सपा प्रमुख ने विजन इंडिया के सहारे आर्थिक समानता का दांव चला है।
एमएसएमई और छोटे व्यापारियों पर जोर
सपा इस संवाद के जरिये यह साबित करना चाहती है कि छोटे व्यापारियों की असली हितैषी भाजपा नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी है। आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस से लेकर मेरठ तक व्यापारी वर्ग विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) से जुड़े कारोबारी पारंपरिक रूप से भाजपा का मजबूत आधार माने जाते रहे हैं। जीएसटी की जटिलताओं, महंगाई और बड़े कॉर्पोरेट घरानों के एकाधिकार के कारण हाशिए पर पहुंचे छोटे कारोबारियों के असंतोष को सपा अब अपने पक्ष में भुनाना चाहती है।
आगरा जिले में विधानसभा की 9 सीटें हैं, जिनमें से कम से कम दो सीटों पर व्यापारियों का सीधा और निर्णायक प्रभाव है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापारी वर्ग 25 से अधिक सीटों पर असर डालता है। इस विजन इंडिया संवाद के लिए आगरा का चयन सपा की एक रणनीतिक चाल है। सपा का मानना है कि आगरा से उठी व्यापारियों के हक की आवाज पूरे पश्चिमी यूपी और ब्रज क्षेत्र की औद्योगिक बेल्ट में शामिल अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ तक गूंजेगी। यदि सपा इस बेल्ट में व्यापारी वर्ग के 10-15% वोट बैंक में भी सेंध लगाने में सफल रही, तो यह भाजपा के लिए एक बड़ा झटका होगा।
छवि बदलने की कवायद
सपा की राजनीति अब तक मुख्य रूप से जातिगत समीकरणों और सामाजिक न्याय के इर्द-गिर्द घूमती रही है। विजन इंडिया के जरिये अखिलेश यादव पार्टी की कानून व्यवस्था के बारे में छवि बदलना चाहते हैं। ठेले वालों से लेकर छोटी फैक्ट्रियों के मालिकों तक की चिंताओं को मंच देकर, अखिलेश यह संदेश देना चाहते हैं कि सपा अब केवल जातियों की नहीं, बल्कि सर्वसमाज की आर्थिक समृद्धि की बात करती है। सम्मेलन के आयोजन में प्रो. अभिषेक मिश्रा जैसे चेहरों को आगे कर सपा अपनी उस पारंपरिक छवि को भी बदल रही है, जिस पर विपक्ष अक्सर हमलावर रहता है।