बच्चों को भारतीय वायुसेना की सेवा में जाने के लिए प्रेरित करने को शुक्रवार को एयरफोर्स स्टेशन पर विश्व विख्यात सारंग हेलीकाप्टर और आकाश गंगा की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। हवा में गोते लगाते हुई सारंग टीम के चार हेलीकाप्टरों की टीम के सदस्यों के बीच हजारों फीट की ऊंचाई पर आपसी समन्वय देखते ही बनता था। कभी सारंग टीम के हेलीकाप्टर आकाश में सितारा बनते तो कभी आसमान पर रंग-बिरंगे धुएं से अपनी टीम के हस्ताक्षर करके दिखाते। इस मौके पर आर्मी स्कूलों के ढाई सौ बच्चे और उनके अभिभावक मैदान में मौजूद रहे।
आठ अक्तूबर को भारतीय वायुसेना ने अपनी 83वीं वर्षगांठ मनाई थी। इसी उपलक्ष्य में एयरफोर्स स्टेशन पर अक्तूूबर 2003 में बनाई गई सारंग टीम के चार हेलीकाप्टरों ने सुबह नौ बजे से अपने करतब दिखाए। ब्रिटिश आर्मी की ब्लू ईगल के बाद सारंग ही दुनिया की ऐसी दूसरी हेलीकाप्टर टीम है, जोकि हवा में करतब दिखाने में माहिर है। आसमान में ‘इनवर्टेड वाइन ग्लास’ के रूप में करतब किया। इसके बाद आसमान में स्टार मैन्युवार यानी सितारा बनकर करतब दिखाए। बाद में रंग-बिरंगे धुएं से आसमान में हस्ताक्षर करके चौंकाया।
20 मिनट के इस अद्भुत शो के बाद आकाश गंगा टीम की बारी थी। एएन-32 विमानों से पांच हजार फुट की ऊंचाई से पैराट्रूपरों ने छलांग लगाई। करीब आधा घंटे तक आकाश गंगा के पैराट्रूपरों ने भी करतब दिखाए। कार्यक्रम में दोनों टीमों के सदस्यों ने स्कूली बच्चों से बातचीत की। इस मौके पर एयर कमोडोर एस. श्रीनिवासन समेत अन्य एयरफोर्स अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।