प्रदेश में सरकार बदलते ही ताजनगरी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रस्ताव पर फिर से मशक्कत शुरू हो गई है। अब तक की प्रगति रिपोर्ट और प्रस्ताव की राह में आ रही मुश्किलों पर मंथन शुरू हो गया है। शेष जमीन अधिग्रहण के लिए शासन से बजट जारी करने को रिमांडर भी जल्द भेजा जाएगा।
ताजनगरी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए पिछले साल केंद्र और राज्य सरकार ने खूब घोड़े दौड़ाए। चुनाव नजदीक देख दोनों सरकारों ने इसका कार्य शुरू कराने का भी दावा किया। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य भी तेजी से शुरू हुआ। मगर, कुछ दिनों की कवायद के बाद चुनावी तपिश में यह प्रस्ताव ठंडा पड़ गया। तब केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को लेकर प्रदेश सरकार की उदासीनता को लेकर सवाल खड़े किए थे। अब केंद्र और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की ही सरकार है। ऐसे में प्रशासन को लग रहा है कि यह फाइल तलब हो सकती है। बता दें कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए खेरिया हवाई अड्डे के पास ही 55 एकड़ जमीन का अधिग्रहण प्रस्तावित किया गया था। इसके सापेक्ष में सिर्फ 15 हेक्टेयर जमीन का ही अधिग्रहण हो पाया है। प्रशासन की ओर से शासन को बजट जारी करने के लिए कई बार पत्र लिखा गया। एडीएम भूमि अध्याप्ति नगेंद्र शर्मा के अनुसार, जमीन अधिग्रहण के लिए अभी 62 करोड़ रुपये की और जरूरत है। जल्द ही इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
55 एकड़ जमीन की जरूरत है इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए
15 हेक्टेयर जमीन का ही हो पाया अब तक अधिग्रहण
62 करोड़ रुपये की डिमांड का जल्द भेजा जाएगा रिमांडर