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एयरपोर्ट : सैफई की जिद, पांच करोड़ पर्यटकों पर भारी

Fri, 08 Jan 2016 01:57 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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दुनिया में भारत की पहचान ताजमहल से है। हर साल सात लाख विदेशी और 58 लाख भारतीय पर्यटक ताज के दीदार के लिए आ रहे हैं। पड़ोसी मथुरा और एटा के सोरों को जोड़ लें तो पर्यटकों की संख्या पांच करोड़ हो जाती है। लेकिन सत्ता की सैफई में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की जिद इन पांच करोड़ पर्यटकों पर भारी पड़ रही है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि सैफ ई में ‘ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ बनने का फायदा आगरा-मथुरा को कतई नहीं होगा।
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क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय आगरा के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014 में ब्रज क्षेत्र में करीब 4.80 करोड़ पर्यटक आए थे, जिनमें 4.65 करोड़ भारतीय और 14.78 लाख विदेशी पर्यटक हैं। साल 2015 में यह आंकड़ा बढ़कर पांच करोड़ से ज्यादा हो गया है। प्रदेश सरकार ने एक जनवरी 2016 को ही शासनादेश जारी कर सैफई और भदरौली में ‘ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के सर्वे के लिए 11.66 लाख रुपये जारी किए हैं। सैफई में एयरपोर्ट बनाने के लिए सत्ता का दबाव है, लेकिन यह आगरा और ब्रज के लिए फायदेमंद साबित नहीं हो पाएगा।

सैफई के मुकाबले दिल्ली से आना आसान
मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और गोकुल में बड़ी तादात में देसी विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। आगरा से सैफई 110 किमी है तो मथुरा से इसकी दूरी 160 किमी से ज्यादा हो जाएगी, जबकि दिल्ली से मथुरा 120 किमी ही है। ऐसे में पर्यटक दिल्ली से एक्सप्रेस वे के जरिए महज एक घंटे में ही मथुरा पहुंच जाएंगे, जबकि सैफई में प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आने पर तीन से चार घंटे का समय लगेगा। आगरा तक पर्यटक तीन घंटे में पहुंचेंगे, जबकि दिल्ली से आगरा महज डेढ़ घंटे का सफर एक्सप्रेस वे से है।
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वाराणसी से ही ले लेते सबक
सपा सरकार बेशक सैफई में ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाना चाहती हो, लेकिन पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह आगरा में ही बनना चाहिए। वाराणसी में एयरपोर्ट बनने पर पर्यटकों की तादात बढ़ी है। बनारस में 24 फ्लाइट हर दिन है और श्रीलंका एयरलाइंस सीधी फ्लाइट बनारस के लिए चला रहा है। आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने पर आगरा का पर्यटन उद्योग उसी तरह से ड्राइविंग सीट पर हो जाएगा, जैसा दिल्ली में है।

‘आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट जरूरत न बनकर राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया है, जो राजनीतिक दलों के लिए फुटबाल की तरह हो गया है। टूरिस्ट दिल्ली से डेढ़ घंटे में आगरा आ रहे हैं, इससे ज्यादा समय सैफई या भदरौली से आगरा आने में लगेगा।’
राजीव सक्सेना
महासचिव, टूरिज्म गिल्ड आफ आगरा

‘कभी जेवर, कभी आगरा, कभी सैफई। एयरपोर्ट जितना दूर बनेगा, उतना नुकसान पर्यटन उद्योग को होगा। हर शहर में 30 किमी दायरे में ही एयरपोर्ट हैं। आगरा में बनने से पड़ोसी जिलों की अर्थव्यवस्था भी बदल जाएगी।’
रमेश वाधवा
अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसो.

‘सैफई में एयरपोर्ट बनाने का जो ड्रामा सपा सरकार कर रही है, वह जनता समझ रही है। इसका फायदा न उन्हें मिलेगा, न पर्यटन को। सर्वे और फिजिबिलिटी रिपोर्ट का तो बहाना है।’
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डा. रामशंकर कठेरिया
केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री
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