एयरफोर्स की ट्रेनिंग पर गए युवक की मौत
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कर्नाटक के बेलगांव में एयरफोर्स की ट्रेनिंग पर गए ख्वास पुरा के राहुल दिवाकर ने आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह शव घर लाया गया तो कोहराम मच गया। राहुल की आत्महत्या का कारण जानने के लिए परिवारीजनों ने खेरिया मोड़ पर जाम लगाकर हंगामा कर दिया। पुलिस ने उन्हें समझाबुझाकर शांत कर दिया।
ख्वासपुरा, शाहगंज निवासी भगवान सिंह दिवाकर ने बताया कि उनका बेटा राहुल दिवाकर (20) बीएससी कर रहा था। जुलाई 2016 में उसने एयरफोर्स में वाई श्रेणी के पद पर भर्ती की परीक्षा दी थी। दिसंबर में उसका चयन हो गया। उसे मुंबई बुलाया गया। बाद में यहां से कर्नाटक के बेलगांव में ट्रेनिंग के लिए गया। जून में ट्रेनिंग पूरी होनी थी। गुरुवार को फोन करके बताया गया कि राहुल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मगर, कोई कारण नहीं बताया। बहन रत्ना का आरोप है कि पिछले शुक्रवार को राहुल की उससे बात हुई थी। उसने किसी तरह की दिक्कत नहीं बताई थी। उसे टार्चर किया गया है। शुक्रवार सुबह नौ बजे एयरफोर्स कर्मी शव लेकर आए। तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचे ही कोहराम मच गया। परिवारीजन शव को लेकर खेरिया मोड़ आ गए। जाम लगा दिया। पुलिस ने आश्वासन देकर शांत किया।
बुझ गया घर का चिराग, टूट गए पिता के सपने
आगरा। एयरफोर्स की ट्रेनिंग के दौरान राहुल की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। उसके पिता भगवान सिंह कपड़ों पर इस्तरी करते हैं। राहुल की चार बहन हैं। इनमेें बहन गीता, लक्ष्मी, मीना की शादी हो चुकी है। रत्ना ने बताया कि भाई ने 83 प्रतिशत अंक से इंटर की परीक्षा पास की थी। वह शुरू से एयरफोर्स में जाना चाहता था। पिछले साल आईएएस सहित चार विभागों मेें परीक्षा के लिए फार्म भरे। मगर, उसने एयरफोर्स में भर्ती के लिए जुलाई में परीक्षा दी। दिवाली के एक दिन बाद काल लैटर आया तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एयरफोर्स में ट्रेनिंग के दौरान दो परीक्षाएं भी पास कर ली थीं। इनमें से एक परीक्षा शूटिंग की हुई थी, जिसमें सात मेें छह निशाने उसके बिल्कुल सटीक लगे थे। छह मई को आखिरी परीक्षा होनी थी। इकलौते बेटे की मौत से मां कमलेश सदमे में हैं। चारों बहनें बेहाल हैं।