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दिल्ली-नोएडा से ज्यादा खतरनाक हुई ताजनगरी की हवा, देश के प्रदूषित शहरों में नौंवे स्थान पर

Tue, 13 Oct 2020 12:19 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • ताजनगरी की हवा सोमवार को दिल्ली, फरीदाबाद, नोएडा जैसे शहरों से भी ज्यादा खतरनाक हो गई। देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में आगरा 9वें नंबर पर रहा। 
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शहर में जगह-जगह हो रही खोदाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोमवार को आगरा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई- एयर क्वालिटी इंडेक्स) 283 रहा, जबकि दिल्ली, फरीदाबाद, नोएडा, भिवाड़ी और करनाल जैसे औद्योगिक शहर प्रदूषण में आगरा से पीछे रहे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक आगरा में सबसे ज्यादा धूल कणों के कारण हवा प्रदूषित हुई है।
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35 फीसदी रोड डस्ट, 13 फीसदी वाहनों से उड़ती धूल


ताजनगरी में प्रदूषण के पीछे सबसे ज्यादा सड़क पर पड़ी धूल-मिट्टी है, जिस वजह से आगरा देश के सबसे प्रदूषित शहरों में बना हुआ है। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. मुकेश शर्मा ने सोर्स संबंधी स्टडी की है, जिसमें उन्होंने प्रदूषण के लिए 35 फीसदी रोड डस्ट को जिम्मेदार माना है जबकि 13 फीसदी प्रदूषण वाहनों के टायरों से उड़ती हुए धूल और ईंधन के उत्सर्जन से हो रहा है। कचरा जलाए जाने के कारण 10फीसदी प्रदूषण हो रहा है।

पुरानी मंडी में 500 पर पहुंचा
स्थान                       -   एक्यूआई
पुरानी मंडी ताजगंज   -   499 
ईदगाह चौराहा          -   403 
आगरा किला स्टेशन   -  326 
विभव नगर               -  324 
शाहगंज                   -  323 
श्मशान घाट चौराहा   - 322 
बसई तिराहा             - 311
राजेश्वर मंदिर            - 306 
सदर बाजार   -         - 302 
रावतपाड़ा                - 286
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15 अक्टूबर से लागू हो जाएगा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान

प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण राज्य पर्यावरण विभाग ने 15 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान को लागू करने के लिए कहा है। हर सप्ताह इसकी समीक्षा की जाएगी। अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार 48 घंटे तक खराब रहता है तो यह एक्शन प्लान लागू कर दिया जाएगा, जिसमें ट्रैफिक जाम, कंस्ट्रक्शन, रोड डस्ट, उद्योग और कचरा जलाने की घटनाओं पर अंकुश के लिए कदम उठाए जाएंगे। 

प्रदेश सरकार ने नगर निगम के अधिकारियों से कहा है कि वह प्रदूषण स्तर बढ़ने पर रात को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के ट्रीटेड पानी का उपयोग करते हुए सड़कों की धुलाई कराएं जिससे सड़कों पर धूल कम हो सके। मैकेनिकल सफाई पर जोर दें और सड़कों के किनारे जो निर्माण सामग्री खुले में रखी है, उसे ढकवा दें। भवन निर्माण सामग्री खुले में ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाएं। जिन सड़कों पर खुदाई चल रही है वहां डस्ट लोड का आकलन करें और वहां रात में धुलाई के साथ वैक्यूम क्लीनिंग भी कराई जाए।

देश के 10 प्रदूषित शहर
शहर       - सूचकांक
बागपत    - 333 
पानीपत   -  329 
कुरुक्षेत्र   - 315 
गाजियाबाद -  302 
बुलंदशहर  - 299 
जींद    - 294 
ग्रेटर नोएडा -  292 
मुरादाबाद  -  291 
आगरा    - 283 
करनाल  -  279

धूल नियंत्रण के उपाय करें विभाग

ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) अथॉरिटी के सदस्य उमेश शर्मा ने कहा कि सड़कों की खुदाई के कारण पहले ही प्रदूषण बढ़ गया है। विभाग अपनी जिम्मेदारी समझें और धूल नियंत्रण के उपाय करें अन्यथा उन पर जुर्माना किया जाए, लेकिन लोग भी पहल करें और सप्ताह में एक या दो दिन वाहनों का इस्तेमाल छोड़कर साइकिल का उपयोग करें। 
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