दिवाली के मद्देनजर एनजीटी के निर्देश सुहागनगरी में इस बार हवा हो गए। टीटीजेड में शामिल फिरोजाबाद में लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति बेपरवाह नजर आए। आतिशबाजी के कारण सुहागनगरी की हवा जहरीली हो गई। शुक्रवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, फिरोजाबाद देश में आठवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां शहर की हवा में हानिकारक तत्वों पीएम-10, एसओ-2 और एनओ-2 सहित अन्य आर्सेनिक, लेड आदि की मात्रा में इजाफा हो गया।
सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने हरित पटाखा जलाने के निर्देश दिए थे
टीटीजेड में शामिल फिरोजाबाद में वायु और ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट एवं एनजीटी ने हरित पटाखा जलाने के निर्देश दिए थे। लोगों से कार्बनिक तत्वों के अलावा आर्सेनिक, लेड आदि तत्वों का उर्त्सजन करने वाले पटाखों के प्रयोग नहीं करने की अपील भी की गई। हालांकि बृहस्पतिवार रात दिवाली पर शहर के आंतरिक इलाकों में जमकर आतिशबाजी की गई।
सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शुमार
देर रात तक हुई आतिशबाजी के कारण शहर की हवा में घुलनशील हानिकारक तत्वों की मात्रा में भी इजाफा हो गया और फिरोजाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शुमार हो गया। नगला भाऊ स्थित अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हवा में घुलनशील पीएम-2.5 की मात्रा सामान्य से अधिक 395 एवं पीएम-10 की मात्रा 334 तक के उच्च स्तर तक दर्ज की गई। आसमान में धुंध की माप 1015 तक दर्ज की गई। ध्वनि प्रदूषण की माप भी 85 डेसीबल तक दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 35 डेसीबल ज्यादा है।