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खतरनाक हुई ताजनगरी की हवा, धूल कणों की संख्या सामान्य से सात गुना अधिक

Mon, 26 Oct 2020 01:36 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंच जाने की वजह आसपास पराली जलाए के साथ ही शहर में लगातार धूल उड़ना
भी है। शहर में 450 किमी सड़कों की खोदाई चल रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शाम को जारी की गई सूची में आगरा का
एयर क्वालिटी इंडेक्स 309 रहा। 
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आगरा में वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खराब चल रही ताजनगरी की हवा रविवार को खतरनाक  स्थिति में पहुंच गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 309 दर्ज किया गया। यह इस सीजन का उच्चतम स्तर है। धूल कणों की संख्या सामान्य से सात गुना ज्यादा है। शहर में कई जगह एक्यूआई 400 के पार गया। यहां लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई।
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विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंच जाने की वजह आसपास पराली जलाए के साथ ही शहर में लगातार धूल उड़ना भी है। शहर में 450 किमी सड़कों की खोदाई चल रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शाम को जारी की गई सूची में आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 309 रहा। यह 24 घंटे का औसत है जबकि शहर में लगे पर्यावरण उपकरणों की रिपोर्ट के मुताबिक फतेहाबाद रोड पर स्मार्ट सिटी की खुदाई के कारण पुरानी मंडी और बसई तिराहे पर प्रदूषण इससे कहीं ज्यादा है।

पुरानी मंडी पर एक्यूआई 448
ताजमहल के पास पुरानी मंडी चौराहे पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 448 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के मुताबिक 400 से 500 के बीच हालात बेहद खराब माने जाते हैं और इमरजेंसी जैसी स्थिति बनती है। ईदगाह चौराहे पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 418 और शाहगंज क्षेत्र में 401 है। यह बेहद खतरनाक हालात है। सामान्य से 7 गुना ज्यादा धूल कणों के कारण इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
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संक्रमण और अस्थमा अटैक का खतरा दोगुना : डॉ. जीवी सिंह
एसएन मेडिकल कॉलेज के सांस-टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवी सिंह ने कहा कि मौसम में नमी होने से धुल और धुआं के अति सूक्ष्म कण आसमान पर अधिक ऊंचाई पर नहीं जा पाते, इससे वायुमंडल में इसकी परत बन जाती है। इससे अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए मुश्किल हो रही है।

इससे पुराने मरीजों में सांस उखड़ना, अस्थमा अटैक और सांस नलिकाओं में संक्रमण का खतरा दोगुना हो गया है। मरीज धूल-धुएं से बचें, घर में रहें। बाहर जा रहे हैं तो मास्क या मुंह-नाक को अच्छी तरह से ढककर रखें। दवाएं बंद कर दी हैं हैं तो चिकित्सकीय परामर्श से इनको शुरू करें, इन्हेलर भी लें।

आंखों में जलन, नाक की एलर्जी भी बढ़ रही : डॉ. गौरव खंडेलवाल
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव खंडेलवाल ने बताया कि प्रदूषण से आंखों में जलन, खुजली, लाल होना, पानी आने की समस्या हो रही है। धूल और धुआं के अतिसूक्ष्म कण नाक में पहुंचने से एलर्जी और गले में पहुंचने से खराश भी हो रही है। ऐसे मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। लोग बाहर जाते वक्त चश्मा लगाएं। गुनगुने पानी से गरारे भी कर सकते हैं।
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धुंध से दिन का आगाज, पारा दो डिग्री सेल्सियस गिरा
मौसम का मिजाज बदल रहा है। रविवार को दिन का आगाज धुंध से हुआ। न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। यह अब 16.7 डिग्री पर आ गया है। दो दिन के अंदर न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।


मौसम विभाग के मुताबिक इस सप्ताह तापमान में गिरावट के साथ सुबह धुंध छाई रहेगी। रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा है, जबकि न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री आ गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री नीचे है। सुबह गुलाबी सर्दी बनी रही। नदी किनारे और शहर के बाहरी इलाकों में धुंध के कारण दृश्यता कम रही।
 
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