ताजनगरी में वायू प्रदूषण शुक्रवार को और ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 32 गुना ज्यादा और धूल कणों की संख्या सामान्य से सात गुना ज्यादा रही। शहर के कई इलाकों में गैस चेंबर जैसी स्थिति बन गई है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सीजन के सबसे उच्चस्तर 346 पर पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट में आगरा देश का 15वां प्रदूषित शहर रहा जबकि प्रदेश में पांचवें नंबर पर रहा।
तापमान कम होने के कारण मिक्सिंग हाइट भी नीचे आ गई, जिस वजह से आगरा खतरनाक गैसों का चेंबर बन गया। लगातार तीसरे दिन आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से ज्यादा रहा। केवल बेहद सूक्ष्म पार्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर ही नहीं बल्कि उससे बड़े साइज के पीएम 10 कणों की मात्रा भी शहर में सामान्य से 6 से 8 गुना के बीच बनी हुई है।