वायुसेना के उपप्रमुख की कमान संभालकर एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने बाह का गौरव बढ़ाया है। शुक्रवार को नई जिम्मेदारी संभालने वाले बाह के इस लाल की देखरेख में एयरफोर्स से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण खरीद प्रक्रिया रहेगी।
बाह के कोरथ गांव निवासी सूरजपाल सिंह के पुत्र राकेश कुमार सिंह भदौरिया जून 1980 में एनडीए से वायुसेना में शामिल हुए थे। वायुसेना उपप्रमुख का पद संभालने से पहले वायुसेना के मध्य वायु कमान के वरिष्ठ एयर स्टाफ आफिसर रह चुके हैं। कैट ए क्वालीफाई कर उड़ान निरीक्षक और पायलट हमला निरीक्षक बने थे। राकेश कुमार सिंह भदौरिया के पास 25 तरह के लड़ाकू और परिवहन विमानों में 4200 घंटो की उड़ान का अनुभव है। अपने 35 साल के कैरियर में एक जगुआर दस्ते और दक्षिण पश्चिमी सेक्टर में एक प्रमुख वायुसेना शिविर की कमान संभाल चुके हैं। प्रतिष्ठित एनडीए की कमान भी उनके हाथों में रह चुकी है। वर्ष 2013 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और वर्ष 2002 में वायुसेना मेडल मिला था। उन्होंने बांग्लादेश के कमांड एवं स्टाफ कालेज से स्टाफ कोर्स में मास्टर डिग्री हासिल की। राकेश कुमार सिंह भदौरिया के वायुसेना उपप्रमुख की कमान संभालने पर बाह क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बाबा की गोद में ही जताई थी हवाई जहाज उड़ाने की तमन्ना
बाह। एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया के वायुसेना के उपप्रमुख बनने पर उनके गांव और परिवार में खुशी का माहौल है। पूरा परिवार देशभक्ति के जज्बे से सराबोर रहा है। बाबा नायब सूबेदार सोबरन सिंह की गोद में खेलकर वायुसेना उपप्रमुख ने हवाई जहाज उड़ाने और पायलट बनने की तमन्ना जाहिर की थी। यह रहस्योद्घाटन राकेश कुमार सिंह की चाची प्रभा देवी ने किया।
बाह के कोरथ गांव निवासी सूरजपाल सिंह के पुत्र राकेश कुमार सिंह भदौरिया के वायुसेना उपप्रमुख बनने पर उनकी चाची सूबेदार अरविंद्र सिंह की पत्नी प्रभा देवी ने बताया कि बाबा सोबरन सिंह की गोद में खेलकर बडे़ हुए राकेश कुमार जब भी आसमान में हवाई जहाज उड़ता देखते तभी बोलते कि बाबा मैं भी हवाई जहाज उड़ाऊंगा, पायलट बनूंगा। उन्होंने बताया कि सूरजपाल सिंह एयर फोर्स में मास्टर वारंट आफिसर थे। 20 साल तक चंडीगढ़ में तैनात रहे। इसलिए राकेश कुमार सिंह की अधिकांश पढ़ाई चंडीगढ़ में ही पूरी हुई।
प्रभा देवी ने बताया कि वर्ष 2014 में 22 अगस्त को उनके पति अरविंद्र सिंह का दिल्ली के आरआर हास्पिटल में निधन हुआ था। वहां पर पहुंचकर राकेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी आशा भदौरिया ने ही भर्ती कराया था। बता दें कि सोबरन सिंह के चार पुत्रों में सूरजपाल सिंह, संतोष सिंह एयरफोर्स में, देशपति सिंह रेलवे में और अरविंद्र सिंह सेना में सूबेदार थे। अरविंद्र सिंह के पुत्र अवनीश और विपिन भी सेना में हैं। पूरा परिवार देशभक्ति के जज्बे से भरा हुआ है। वायुसेना उपप्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया के दो बच्चों में पुत्री सोनाली पायलट हैं जबकि पुत्र सौरभ पढ़ाई कर रहा है। कोरथ के ही डॉ. जसकरन सिंह ने बताया कि वायुसेना उपप्रमुख बनना गांव और क्षेत्र के लोगों के लिए गौरव की बात है। गांव के लोगों को फेसबुक और वाट्सएप से ही उनके पद संभालने की जानकारी मिली है। सरोखीपुरा के जगदेव सिंह भदौरिया ने इस उपलब्धि को भदावर क्षेत्र का गौरव बताया है। वर्तमान पीढ़ी के लिए आरके सिंह की उपलब्धि प्रेरणा का काम करेगी। वायुसेना उपप्रमुख की सादगी के सब कायल है।