सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) को रद कर दिए जाने से छात्र और आयोजनकर्ता दोनों परेशान हैं। जहां आयोजक सीबीएसई बोर्ड के सामने नए सिरे से कम समय में परीक्षा आयोजन की की चुनौती है वहीं छात्रों के सामने दोबारा तैयारी करने की। शहर के हजारों छात्र मायूस हैं तो कइयों ने इस निर्णय की सराहना भी की है।
एआईपीएमटी का पेपर लीक होने पर सुप्रीम कोर्ट ने इसके रिजल्ट पर रोक लगा दी थी। ताजा फैसले में नए सिरे से प्रवेश परीक्षा कराने के आदेश दिए हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एआईपीएमटी-2015 के दोबारा आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड जल्द ही अधिसूचना जारी करेगा। बोर्ड से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, चार सप्ताह में दोबारा परीक्षा करानी ही होगी। इतने कम समय में परीक्षा कराना बोर्ड के लिए बड़ी चुनौती है। गौरतलब है कि परीक्षा में देशभर से कुल 6,32,649 उम्मीदवार पंजीकृत हुए थे। देश में इसके लिए कुल 1060 सेंटर बनाए गए थे। आगरा से तकरीबन सात हजार छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा में भाग लेने वाले रोहित का कहना है कि कोर्ट का निर्णय सही है, मेधावियों का नुकसान नहीं होगा। अंशुल का कहना है कि एक बार फिर तैयारी करनी होगी।
सीपीएमटी काउंसिलिंग 22 से
सीपीएमटी की काउंसिलिंग 22 जून से शुरू होगी। प्रदेश में एसजीपीजीआई लखनऊ, जीएसवीएम कॉलेज कानपुर, एमएलएन मेडिकल कालेज इलाहाबाद, एलएलआरएम मेडिकल कालेज मेरठ को सेंटर बनाया गया है। काउंसलिंग 26 जून तक चलेगी।