यूरोलॉजी कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि एआई से प्रोस्टेट और मूत्राशय कैंसर की शुरुआती पहचान आसान हुई है। रोबोटिक सर्जरी से सटीक ऑपरेशन संभव हो रहे हैं, वहीं खानपान और रसायनों से बढ़ रही किडनी समस्याओं पर चिंता जताई गई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से प्रोस्टेट और मूत्राशय के कैंसर का आसानी से पता चल सकेगा। रोबोट से इनकी सर्जरी भी सटीक होगी। फतेहाबाद रोड स्थित होटल में उत्तर प्रदेश यूरोलॉजिकल एसोसिएशन की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन चिकित्सकों ने एआई की भूमिका पर व्याख्यान दिए।
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आयोजन अध्यक्ष डॉ. विजय बोरा ने कहा कि पथरी, संक्रमण, किडनी, लिवर की परेशानी तेजी से बढ़ रही है। प्रोस्टेट और मूत्राशय के कैंसर भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में एआई से किडनी, लिवर, प्रोस्टेट और मूत्राशय के कैंसर की प्राथमिक स्टेज आसानी से पता चल रही है। इनमें रोबोट से सटीक ऑपरेशन भी हो रहे हैं।
आयोजन सचिव डॉ. दिलीप मिश्रा ने कहा कि फसलों में कीटनाशक के अधिक उपयोग, फास्टफूड-डिब्बा बंद भोजन के रसायन से भी गुर्दों की दिक्कत हो रही है। डॉ. मधुसूदन अग्रवाल ने कहा कि युवाओं में खारे पानी, अधिक नमक और कम पानी पीने से पथरी की समस्या बढ़ रही है। कई लोग खाने में नमक संतुलित रखते हैं, लेकिन फास्टफूड-शीतलपेय के जरिये शरीर में अधिक नमक पहुंच रहा है। डॉ. अनुराग यादव, डॉ. विश्वजीत सिंह, डॉ. अपुल गोयल, डॉ. अनूप कुमार, डॉ. प्रशांत लवानियां, डॉ. अंकुश गुप्ता, डॉ. नितिन गर्ग, डॉ. श्रेयांश चाहर आदि ने भी व्याख्यान दिए।