कासगंज। जिले में ई गन्ना प्रणाली लागू होने के बाद तमाम किसानों के पंजीकरण में खामियां पाई गई हैं। 413 किसानों ने अब तक गन्ना विभाग में आपत्तियां दर्ज करा दी हैं। विभाग ने अधिकांश आपत्तियों को दूर करने के लिए अभिलेख जांचकर आपत्तियां दूर की हैं।
गन्ना खरीद के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि अभी खरीद का लक्ष्य तय नहीं हुआ है, लेकिन विभाग किसानों का पंजीकरण कर कलेंडर का प्रदर्शन कर चुका है। आठ हजार से अधिक किसान शपथ पत्र दाखिल कर चुके हैं। विभाग द्वारा ई गन्ना प्रणाली लागू करने के बाद ऑनलाइन दावे आपत्तियां मांगी गईं। इसमें 413 किसानों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। इन आपत्तियों में किसी की भूमि का गाटा संख्या गलत था तो किसी का बंटवारे का विवाद था। इसके अलावा कई किसान ऐसे पाए गए जिनका बैंक खाता संख्या गलत था। गन्ना विभाग ने आपत्तियां दाखिल करने वाले किसानों से दस्तावेज मांगे और दस्तावेजों के आधार पर अधिकांश किसानों की आपत्तियों का निस्तारण कर दिया है जो किसान शपथ पत्र और दस्तावेज नहीं देंगे विभाग उनके पंजीकरण निरस्त कर देगा।
अगले माह शुरू होगा पेराई सत्र
विभाग ने नवंबर माह में न्यौली चीनी मिल का चक्का घुमाने की तैयारी की है। मरम्मत का काम तेजी के साथ कराया जा रहा है। न्यौली चीनी मिल में 80 प्रतिशत से अधिक मरम्मत का काम पूरा हो गया है। मिल और विभाग का दावा है कि जल्द ही मिल पेराई के लिए पूरी तरह व्यवस्थित हो जाएगी।
आकंड़े की नजर से
- 8239 किसान जिले में करा चुके पंजीकरण।
- 7925 हेक्टेयर क्षेत्रफल में हो रही गन्ने की पैदावार।
- 413 किसानों ने अब तक दर्ज कराई है आपत्ति।
- 11 नवंबर से पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी।
- जिन गन्ना किसानों की आपत्तियां आ रहीं हैं उनका निस्तारण कर रहे हैं। दस्तावेजों के आधार पर पंजीकृत किसानों का गन्ना ही न्यौली चीनी मिल में खरीदा जा सकेगा। अगले महीने पेराई सत्र शुरू होगा। ओमप्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।
- मिल में मरम्मत का अधिकांश काम पूरा कर लिया गया है। इस माह के अंत तक मिल गन्ने की पेराई के लिए पूरी तरह तैयार कर ली जाएगी- एसपी सिंह, मेंटीनेंस प्रभारी, न्यौली चीनी मिल।