29एमएनपी-13-पॉलीहाउस में लगाई गई शिमला मिर्च को तोड़ते प्रबल प्रताप
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मैनपुरी। लॉकडाउन में आपूर्ति ठप हो जाने से फूलों की खेती करने वाले किसान परेशान हैं। शासन द्वारा इन किसानों को राहत देने के उद्देश्य से नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई थी। वहीं उद्यान विभाग ने इसकी रिपोर्ट बनाकर भेज भी दी है।
बीते कुछ सालों में जिले में फूलों की खेती करने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्य रूप से किसान गेंदा और गुलाब उगा रहे हैं, लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते इनकी बिक्री बीच में ही रुक गई है। इससे गेंदा में 40 प्रतिशत और गुलाब में 50 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। शासन ने इसकी रिपोर्ट उद्यान विभाग से मांगी थी। विभाग की ओर से कुल 17 किसानों की सूची भेजी गई है। इसमें से दो किसानों ने गुलाब की खेती और 15 किसानों ने गेंदा की खेती की है।
सड़ रही लाखों की रंगीन शिमला मिर्च
मैनपुरी। रंगीन शिमला मिर्च की खेती करने वाले प्रगतिशील किसान प्रबल प्रताप को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने बेवर देहात में अपने गांव में 50 लाख रुपये की लागत से पॉली हाउस लगवाकर उसमें रंगीन शिमला मिर्च की खेती की थी। उत्पादन भी बंपर हुआ है। अक्टूबर में उन्होंने बुवाई की थी, इसके बाद मार्च से फल आने शुरू हो गए हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते आपूर्ति ठप है। आमतौर पर इसकी कीमत 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक होती है। लेकिन वर्तमान में लागत मूल्य 40 रुपये में भी कोई इसे लेने को तैयार नहीं है। इससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
रिपोर्ट भेजी गई
शासन से फूलों की खेती करने वाले किसान और उसमें हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट भेजी गई है, शासन के आदेश अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा। - अनीता सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।