आगरा। शहर की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की सदस्य प्रीति डिमरी रविवार को देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम रोहतक में प्रबंधन के छात्रों के बीच मोटिवेशन स्पीकर के रूप में आमंत्रित हुईं।
संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष सत्र में प्रीति ने अपने क्रिकेट कॅरिअर के संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली चुनौतियों, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क की बारीकियों को छात्रों के साथ साझा किया। प्रीति ने कहा कि खेल ने उन्हें अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक सोच दी। कई महत्वपूर्ण मैचों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे दबाव भरे माहौल में खिलाड़ी को त्वरित निर्णय लेने पड़ते हैं। यही कौशल एक मैनेजर को भी आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा हार कभी अंत नहीं होती, बल्कि नए प्रयास की शुरुआत होती है। मैदान और मैनेजमेंट, दोनों में सीखते रहने वाला ही आगे जाता है।
सत्र के दौरान आगरा का जिक्र करते हुए प्रीति भावुक भी हुईं। कार्यक्रम में छात्रों ने उनसे कॅरिअर के लक्ष्य निर्धारण, टीम लीडरशिप, समय प्रबंधन, मानसिक मजबूती और असफलताओं से सीखने जैसे मुद्दों पर प्रश्न पूछे। प्रीति ने हर सवाल का उदाहरणों के साथ विस्तृत जवाब देते हुए बताया कि किसी भी क्षेत्र में केंद्रित रहना और निरंतर अभ्यास ही सफलता की असली कुंजी है।