आगरा के प्रकाश नगर (एत्माद्दौला) में शनिवार रात को हलवाई का काम करने वाले जतिन की हत्या कर दी गई। रविवार सुबह उसका शव किराये के मकान में छत पर पड़ा मिला।
वहीं उसी मकान में किराये पर रहने वाले दंपती फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस को अवैध संबंधों में हत्या की आशंका है। हालांकि जांच की जा रही है।
जतिन प्रकाश नगर में वीरेंद्र वर्मा के मकान पर किराये पर रहता था। वह हलवाई है। चाट की ठेल भी लगाता था। वीरेंद्र के मकान में सुमित और उसकी पत्नी सपना भी किराये पर रहते थे।
पुलिस ने की जांच
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मकान मालिक का परिवार पड़ोस में रहता है। रविवार सुबह मकान मालकिन रानी घर में आई। वह छत पर गई तो जतिन की लाश पड़ी हुई थी। सूचना पर पुलिस आ गई।
छत पर ही लाल दुपट्टा पड़ा था। इससे गला घोंटकर हत्या की आशंका जाहिर की गई। गले पर नाखूनों के भी निशान थे। खाना भी रखा मिला। वहीं सुमित और उसकी पत्नी घर से फरार थे।
मकान मालकिन रानी ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात को सपना ने उनसे जीने की चाबी ली थी। उनसे कहा था कि गर्मी होने की वजह से वह छत पर सोने जाएंगे। मकान मालकिन चाबी देकर पड़ोस में बने अपने घर में चली गई।
रात में आ रही थी आवाज
पड़ोसियों का कहना था कि रात में उन्होंने घर से आवाज सुनी थी। दंपती और जतिन में झगड़ा हो रहा था। रात 12:00 बजे तक आवाज आती रही।
इसके बाद किसी को कुछ नहीं पता चला। पुलिस अब फरार दंपती की तलाश कर रही है। एत्माद्दौला थाने के प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा प्रिजर्व किया गया है।
मूलरूप से घटिया आजम खान निवासी जतिन के पिता पूरन सिंह कुशवाह ने 17 साल पहले सुशील नगर (एत्माद्दौला) में 100 वर्ग गज का मकान बनवाया था। इसमें जतिन की मां विमला और तीन बहनें रहती थीं।
दो साल पहले विमला की मौत हो गई। तीनों बहनों की शादी हो गई। इसके बाद पिता ने भी सन्यास ले लिया। घर में केवल जतिन अकेला रहता था। 50 गज का प्लॉट कुछ महीने पहले बेच दिया था।