आगरा के रतनपुरा वार्ड स्थित गरीब नगर में मकान तोड़े जाने के विरोध में महिलाओं ने नगर निगम की टीम को घेर लिया। प्रभावित परिवारों ने बिना नोटिस कार्रवाई और 40 साल से रहने का दावा किया, जबकि क्षेत्रीय पार्षद के अनुसार जमीन पर वैध दस्तावेज नहीं थे।
आगरा के रतनपुरा वार्ड स्थित गरीब नगर में बृहस्पतिवार को महिलाओं ने नगर निगम की टीम को घेर लिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने बिना किसी पूर्व नोटिस के उनके आशियाने पर बुलडोजर चला दिया, जिससे उनके सिर से छत छिन गई है।
विज्ञापन
संपत्ति विभाग के राजस्व निरीक्षक वैभव यादव जांच करने पहुंचे तो रहमत बानो ने विरोध जताया कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला और घर टूटने के बाद अब उनके सामने रहने का गंभीर संकट पैदा हो गया है। बारिश होने से उनका घरेलू सामान भी भीग गया। वहीं, बॉबी और शकील का कहना था कि वे पिछले 40 वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनके पास बिजली का बिल व वैध कनेक्शन जैसे सबूत भी मौजूद हैं, इसके बावजूद उनके घरों पर मनमानी कार्रवाई की गई।
दूसरी ओर, क्षेत्रीय पार्षद रजनी देवी का कहना है कि जिन मकानों को तोड़ा गया है, उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। इस खाली कराई गई जमीन पर नगर निगम एक सामुदायिक भवन का निर्माण कराएगा। इससे क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद लोग कम खर्च में अपने विवाह समारोह व अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।