आगरा में नए साल 2025 की सुबह औद्योगिक क्षेत्र के लिए नई उम्मीद लेकर आ रही है। जहां आगरा को प्रदेश की पहली फ्लैटेड फैक्टरी का तोहफा मिलने जा रहा है, तो वहीं फतेहाबाद में भी नया औद्योगिक क्षेत्र शुरू हो सकता है।
ताज ट्रेपेजियम जोन में प्रदूषण संबंधी बंदिशों के बीच नए साल की सुबह नई उम्मीदें लेकर आएगी। वर्ष 2024 में दायर एक याचिका में फिरोजाबाद की इकाइयों को गैस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नई इकाइयों की स्थापना पर रोक से झटका लगा है। आगरा में नई औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गईं। पुरानी इकाइयां ही उत्पादन में लगीं, जबकि नए स्टार्ट अप, नई इकाइयों को अनुमति ही बंद हो गई। ऐसे में नए साल में आगरा को बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। प्रदेश की पहली फ्लैटेड फैक्टरी की शुरुआत नए साल में आगरा में हो जाएगी। पेश है अमित कुलश्रेष्ठ की रिपोर्ट...
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125 करोड़ से बन रही चार मंजिला फ्लैटेड फैक्टरी
फाउंड्री नगर में निर्माणाधीन फ्लैटेड फैक्टरी चार मंजिला है। यह 125 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। इसका ज्यादातर हिस्सा पूरा हो चुका है। नए साल में यह शुरू हो जाएगी। चार मंजिला परिसर में 200 से अधिक फैक्टरियां लगेंगी। एक ही छत के नीचे गैर प्रदूषणकारी इकाइयों को यहां शुरू किया जा सकेगा। यह प्रदेश की पहली फ्लैटेड फैक्टरी होगी। कानपुर में आगरा के बाद फैक्टरी का संचालन शुरू हो सकेगा। यहां गारमेंट, खाद्य प्रसंस्करण, प्रिंटिंग, हैंडलूम, चमड़े की कटिंग, इलेक्ट्रिक पंप, आईटी, सेवा आदि को जगह दी जाएगी। फैक्टरी में वाईफाई, लिफ्ट की सुविधा दी गई है।
आईएमसी की बाधा होगी दूर
अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे (एकेआईसी) के तहत आगरा में इनर रिंग रोड के पास 1,050 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाया जाना है। इसकी राह में पेड़ आ गए हैं, जिन्हें नए डिजाइन में शामिल करने और कम से कम पेड़ काटने के लिए सड़कों का अलाइनमेंट किया जाएगा। नए साल में इसका काम भी शुरू होने की उम्मीद है। यहां हैंडीक्राफ्ट, लेदर, गारमेंट के साथ हर कैटेगरी के उद्योगों के लिए जमीन मिलेगी। इससे आगरा के उद्यमियों को कच्चे माल से लेकर पैकिंग, गोदाम तक की सुविधा एक ही जगह मिल पाएगी।
फतेहाबाद में नया औद्योगिक क्षेत्र
आगरा में फाउंड्री नगर, नुनिहाई, यूपीएसआईडीसी साइट सी, ईपीआईपी शास्त्रीपुरम ही औद्योगिक क्षेत्र हैं। 30 साल से यहां नया औद्योगिक क्षेत्र नहीं बना है। नई जरूरतों को देखते हुए फतेहाबाद में नया औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है। फतेहाबाद रोड पर ग्रेटर आगरा, आईएमसी और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जुड़े फतेहाबाद के कारण यहां नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने की तैयारी है। नए साल में यह उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण इस क्षेत्र का खाका तैयार कर लेगा।
नया औद्योगिक क्षेत्र लाने का प्रयास
उ.प्र. लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने बताया कि टीटीजेड में सिर्फ व्हाइट कैटेगरी के उद्योग ही लग सकते हैं। प्रयास है कि नए साल में औद्योगिक विकास के काम मिसाल बन जाएं। फ्लैटेड फैक्टरी के साथ नया औद्योगिक क्षेत्र लाने का प्रयास है।
तरक्की के लिए रियायतों की जरूरत
नेशनल चैंबर के अध्यक्ष अतुल गुप्ता का कहना है कि उद्योग विस्तार, नई इकाइयों पर रोक के आदेश से बड़ा नुकसान हुआ है। नए साल में उम्मीद है कि चैंबर प्रतिबंध हटाने की लड़ाई में सफल हो पाएगा। तरक्की के लिए हमें रियायतों की जरूरत है।
रोकना है युवाओं का पलायन
नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि नए उद्योग हैं नहीं, ऐसे में युवा शहर से पलायन कर रहे हैं। आईटी उद्योग, सोलर, गारमेंट समेत इकाइयां लगेंगी, तब हमारे शहर के बच्चों को रोजगार मिलेगा, अन्यथा यह बुजुर्गों का शहर बनकर रह जाएगा।