पांच साल में आगरा-मथुरा में यह पहला मौका है जब मानसून के पहले महीने जुलाई में बारिश आधी से भी कम रही है। मथुरा में एक तिहाई बारिश ही हो सकी। बीते साल 2019 की जुलाई में आगरा में जहां 576.8 मिमी बारिश हुई तो 2018 की जुलाई में 453 मिमी बारिश हुई थी।
2016 में भी 535 मिमी बारिश ने आगरा और पड़ोसी जिलों को खूब भिगोया था। इस साल जुलाई के पूरे महीने में आगरा में महज 106 मिलीमीटर बारिश ही हो पाई। जबकि 2 साल पहले 2018 में सिर्फ एक दिन ही 27 जुलाई को 135 मिलीमीटर बारिश से आगरा तरबतर हो गया था।
ब्रज में सूखा बीता सावन
| जिले |
बारिश |
कमी |
| आगरा |
106.3 मिमी |
-52% |
| मथुरा |
70.6 मिमी |
-67% |
| एटा |
109 मिमी |
-45% |
| मैनपुरी |
156 मिमी |
-40% |
| फिरोजाबाद |
178 मिमी |
-25% |
तापमान अधिक, नमी कम रहने से दिक्कत
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बारिश अच्छी हुई है लेकिन आगरा और उसके नजदीक के जिलों में मानसून इस बार कमजोर पड़ा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान अधिक रहने और नमी कम मिलने से बारिश कम हुई। राजस्थान की ओर से चली हवाओं के कारण यहां तापमान ज्यादा रहा।