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राहत: आगरा में कोरोना संक्रमण का ग्राफ गिरा, रिकवरी रेट बढ़ा, आधे से ज्यादा मरीज हुए ठीक

Sat, 16 May 2020 08:38 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • शुक्रवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 96 लोगों को मिली छुट्टी 
  • 10 मई के बाद से कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा 
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आगरा में कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना वायरस से जूझ रहे आगरा के लिए राहत की खबर है। तीन मार्च को पहली बार मिले संक्रमण के बाद ऐसा पहली बार हुआ, जब वायरस को मात देकर स्वस्थ हुए लोगों की संख्या संक्रमितों से ज्यादा हो गई है। जिले में संक्रमित मरीज मिलने का ग्राफ तेजी से गिरा है, तो रिकवरी रेट 61 प्रतिशत हो गया है। 
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जिले में अब तक 798 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें 485 लोग ठीक होकर घर पहुंच चुके हैं। मरने वालों की संख्या 28 है। शुक्रवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 96 लोगों को छुट्टी दी गई। इससे लोगों में कोरोना से लड़ने का हौसला और बढ़ेगा।


जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि जिले में अब 283 सक्रिय मामले हैं। नई डिस्चार्ज पॉलिसी से आने वाले दिनों में कुछ और मरीज डिस्चार्ज किए जाएंगे। पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण की दर पहले से कम रही है।
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अब तक मिले कुल संक्रमित   -  798
ठीक हुए मरीज                   -  485
मृतकों की संख्या                -   28
सक्रिय केस                        - 283 
रिकवरी दर                       -  61 प्रतिशत
सैंपल                               - 10171
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10 और हॉटस्पॅाट हो सकते हैं बंद

जिलाधिकारी ने बताया कि हॉटस्पॉट में यह भी देखा जा रहा है कि कहां से मरीज आना बंद हो गए हैं। खंदारी से 14 दिन से मरीज नहीं मिला है। पथवारी से 13 दिन से नहीं मिला है। नगला महादेव, विभव नगर, फतेहपुर सीकरी से 13 दिन से नया मरीज नहीं मिला है। यदि कुछ और दिन यहां संक्रमण नहीं मिलता है तो इन्हें भी बंद किया जाएगा।

पौष्टिक आहार और काढ़ा ले रहे मरीज

एसएन मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड के प्रभारी डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि 80 फीसदी मरीजों में कोरोना के लक्षण ही नहीं आ रहे। इनके अलावा कुछ मरीजों में खांसी-जुकाम, बुखार जैसे सामान्य लक्षण हैं। 

सबसे ज्यादा देखभाल उन मरीजों की करनी होती है जो पहले से मधुमेह, हृदय रोग, निमोनिया, दमा जैसी बीमारी से पीड़ित हैं। इनके अलावा अन्य मरीज पौष्टिक आहार और काढ़ा लेकर अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा रहे हैं। इसी से ठीक हो रहे हैं।
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