पहले अंक दिए, फिर हटा दिए…दोबारा जोड़े तो नंबर बढ़ गए लेकिन रिजल्ट में छात्र फिर भी फेल। हालांकि छात्रों का कहना है कि वे पास हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी के रिजल्ट में इस गड़बड़ी पर बुधवार को एनएसयूआई प्रदेश सचिव अंकुश गौतम के साथ छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला बंदकर करीब 6 घंटे तक प्रदर्शन किया।
छात्रों का यह भी आरोप है कि राजनीति विज्ञान में गलत सवाल पूछे गए, जबकि इतिहास के पेपर में पाठ्यक्रम (सिलेबस) से बाहर के प्रश्न दिए गए। बीएएलएलबी प्रथम वर्ष के ऋषभ ने बताया कि 15 सितंबर को रिजल्ट जारी हुआ। इसके बाद 25 सितंबर और 30 सितंबर को इसे अपडेट किया गया। 18 अक्तूबर को आए रिजल्ट को अंतिम बताया गया लेकिन इसमें भी कई विद्यार्थियों को 1-2 नंबर से फेल दिखा दिया गया। बीएएलएलबी प्रथम वर्ष के आदित्य ने बताया कि एक ही रिजल्ट को तीन से चार बार अपडेट किया गया फिर भी गड़बड़ियां दूर नहीं हुईं।
आरटीआई के लिए बहुत कम समय बचा
परीक्षा नियंत्रक की ओर से 25 अक्तूबर तक आरटीआई के जरिये अपनी ओएमआर शीट देखने की अपील की गई थी। 25 अक्तूबर तक आवेदन करने की अंतिम तारीख थी लेकिन परीक्षा नियंत्रक का आदेश कागज तक ही रह गया। इधर, समर्थ पोर्टल से डाटा ट्रांसफर नहीं होने के कारण आरटीआई की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी। इससे विद्यार्थियों को अपनी उत्तर पुस्तिका की जानकारी लेने के लिए इंतजार करना पड़ा। धरना-प्रदर्शन के बाद बुधवार को जाकर आरटीआई की सुविधा खोली गई। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्तूबर होने के कारण विद्यार्थियों के पास अब सीमित समय बचा है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि आरटीआई की सुविधा खोल दी गई है। छात्र ओएमआर शीट निकाल लें। यदि उन्हें फिर भी कोई गड़बड़ी लगती है तो शीट के साथ आएं, उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।