आगरा के डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने लीगल क्लीनिक खोलने की योजना बनाई है। इसमें बाहरी लोग भी आकर कानूनी सलाह ले सकेंगे। इसके लिए उनको मामूली फीस देनी पड़ेगी और समस्या के समाधान का रास्ता मिल सकेगा।
बताया गया है कि लीगल क्लीनिक में विश्वविद्यालय के विधि के छात्र बैठेंगे। इसके अलावा वकालत कर रहे विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की सेवाएं भी ली जाएंगी। विवि के जनसंपर्क अधिकारी डा. गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि ‘लर्निंग विद अर्निंग’ योजना के तहत लीगल क्लीनिक विश्वविद्यालय में स्थापित की जाएगी।
इसके लिए विश्वविद्यालय से संबद्ध विधि कालेजों से पांच छात्रों के नाम मांगे गए हैं। विश्वविद्यालय इनको अपने खर्च पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रशिक्षण दिलाएगा। विश्वविद्यालय के कई पूर्व छात्र नामी वकील हैं, उनसे भी बात की जाएगी कि अपना कुछ समय लीगल क्लीनिक के लिए दें।
लीगल क्लीनिक में विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों के अलावा बाहरी लोग भी सलाह ले सकेंगे। इनकी फीस बहुत कम रखी जाएगी। विधि के छात्र पढ़ाई करते हुए रोजगार के लिए भी पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।