डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त हो गया है। सचल दलों की रिपोर्ट में कई केंद्रों पर सामूहिक नकल जैसे हालात मिलने के बाद अब तीन महाविद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं 16 अप्रैल से चल रही हैं, जिसमें बीए, बीएससी, बीकॉम, बीकॉम (वोकेशनल) के द्वितीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर तथा एमए, एमएससी, एमकॉम के द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं सेल्फ सेंटर पर कराई जा रही हैं। बृहस्पतिवार को सचल दलों ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया, जहां कई जगहों पर गंभीर अनियमितताएं मिलीं।
निरीक्षण के दौरान कई कक्षों में छात्रों की ओएमआर शीट एक जैसी भरी हुई मिलीं और एक ही सीरीज के प्रश्नपत्र वितरित किए गए थे। कुछ केंद्रों पर सीसीटीवी बंद पाए गए या उनकी निगरानी विश्वविद्यालय के कंट्रोल रूम से नहीं हो रही थी। वहीं पर्यवेक्षकों के पास मोबाइल फोन मिलने और छात्रों को पास-पास बैठाकर परीक्षा कराने जैसी लापरवाहियां भी सामने आईं। कुछ स्थानों पर छात्रों ने डेढ़ घंटे तक प्रश्नपत्र शुरू नहीं किया, जिससे अंत समय में नकल की योजना का अंदेशा जताया गया।
मोतीलाल रामनाथ, सिद्धांत राज और आईआईएमटी कॉलेज को मिला नोटिस
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नकल विहीन परीक्षाएं कराने के लिए उड़ाका दल लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में मोतीलाल रामनाथ महाविद्यालय भदरौली बाह, सिद्धांत राज महाविद्यालय बाह आगरा और आईआईएमटी कॉलेज अछनेरा आगरा में परीक्षा संचालन में लापरवाही पाई गई। इन महाविद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दो दिन में जवाब मांगा है। डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित कॉलेजों को परीक्षा कार्य से अलग कर परीक्षार्थियों को अन्य केंद्रों पर स्थानांतरित किया जाएगा।