हत्याकांड में पुलिस ने यमुनापार के रहने वाले रवि यादव और मंटोला निवासी कामरान वारसी का नाम बढ़ाया है। गिरफ्तारी के लिए दबिश का दावा किया जा रहा है। मृतक ट्रांसपोर्टर असगर अली के बेटे अजमन अली का कहना है कि अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। वह कई बार रवि, कामरान सहित अन्य के हत्या में शामिल होने के साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध करा चुके हैं।
आरोपी रवि यादव और कामरान वारसी उनकी दुकान पर वसूली के लिए आया करते थे। इस बात का विरोध पिता ने किया था। इससे आरोपियों ने रंजिश मानकर साजिश के तहत हत्या कर दी। डॉ. अजय यादव और रवि यादव के बीच बातचीत का ऑडियो भी वायरल हो चुका है। हादसे वाली कार में तीन से चार लोगों के होने के बारे में भी ऑडियो के माध्यम से पता चल रहा है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
ये उठ रहे सवाल
असगर अली ने जीएसटी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर शिकायत की थी। विभागीय जांच भी हुई थी। शासन में जांच लंबित है। इसके बावजूद जीएसटी अधिकारी की शिकायत पर ट्रांसपोर्टर के खिलाफ ही रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आखिर विभागीय जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है।
- पुलिस को कार बरामद करने में इतनी देर क्यों लगी।
- आखिर गोशाला का कर्मचारी प्रेम नारायण की पूरे मामले में क्या भूमिका है।